सिद्धार्थनगर में ढेबरूआ थाना क्षेत्र के मधवापुर गांव में निर्माणाधीन मछली मंडी के मेन गेट की शटरिंग गिरने से एक मजदूर की मौत हो गई है, जबकि 7 मजदूर घायल हो गए. जिसमें 3 गंभीर रूप से घायल मजदूरों को इलाज के लिए सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज भेजा गया है.
मछली मंडी समिति के निर्माण का यह कार्य प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत कराया जा रहा था. घटना की सूचना मिलने पर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे. जिलाधिकारी ने घायलों का बेहतर इलाज करने और घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच कमेटी का गठन कर दिया है.
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करीब 5.5 करोड़ रुपए की लागत से बन रहा यह निर्माणाधीन गेट बुधवार की दोपहर टूट कर गिर गया. इसके चपेट में आने से मजदूर मुश्ताक की मौत हो गई और बुधई उम्र 45 वर्ष, रविंद्र उम्र 20 वर्ष गंभीर रूप से घायल हो गए थे जिनका इलाज मेडिकल कॉलेज सिद्धार्थ नगर में चल रहा है.
हादसे के शिकार हुए 7 मजदूर
वहीं आलम, रामदयाल, रुपेश सहित 7 मजदूर इस हादसे की चपेट में आ गए. इस घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय लोगों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया. जेसीबी के जरिए मलबे में दबे पांच मजदूरों को बाहर निकलकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बढ़नी पहुंचाया गया. चिकित्सकों ने बुधई और रविंद्र एवं एक अन्य मजदूर के हालत की गंभीरता को देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया है.
अन्य घायलों का उपचार कर उन्हें वापस भेज दिया गया. घटना की खबर लगते ही जिलाधिकारी खुद मौके पर पहुंच गए और हादसे की जांच के आदेश दे दिए. पुलिस प्रशासन द्वारा जेसीबी मशीन से जब निर्माणाधीन गेट का मलबा हटाया गया. काफी देर बाद एक मजदूर का शव बरामद हुआ. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
हादसे पर क्या बोले चश्मदीद?
इस हादसे को लेकर मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि अभी कुछ दिन पहले ही मेन गेट का पिलर बनाया गया था. अभी पिलर पूरी तरह मजबूत भी नहीं हुआ था कि उसके ऊपर की छत डालने के लिए शटरिंग का काम शुरू कर उसकी छत लगाने का काम भी प्रारंभ कर दिया गया. ऊपर लोड ज्यादा होने से पिलर टूट गया और भारी शटरिंग और उस पर रखे ढलाई के समान नीचे गिर गए जिसकी चपेट में सात मजदूर आ गए और एक की मौत हो गई.
लोगों ने बताया कि घटना के तुरंत बाद वे लोग मौके पर पहुंचे और मजदूरों की अपने संसाधनों से जान बचाने की कोशिश की. स्थानीय लोग इस बात से आक्रोशित हैं कि घटना के समय वहां पर संबंधित ठेकेदार मौजूद नहीं था और ना ही सुरक्षा के वहां कोई उपाय थे. लोगों ने बताया कि तहसील प्रशासन के लोग काफी देर में पहुंचे और वहां पहुंचकर स्थानीय लोगों के साथ बदतमीजी भी की.
घटनास्थल पर पहुंचे जिलाधिकारी
जिलाधिकारी के मौके पर आने के बाद संबंधित अधिकारी हरकत में आए और घायलों को तत्काल बेहतर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया. इस दुखद हादसे की सूचना मिलने के बाद जिलाधिकारी शिवशरण अप्पा जी एन और पुलिस अधीक्षक अभिषेक महाजन मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लेते हुए तत्काल हर संभव मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए.
जिलाधिकारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ तहसील में मछली मंडी के निर्माण का कार्य चल रहा है. जिसके गेट के टूटने से आज यह दुखद हादसा हुआ, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई. उन्होंने कहा कि घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं. लापरवाही बरतने वाले किसी भी जिम्मेदार अधिकारी या इससे संबंधित लोगों को बख्शा नहीं जाएगा.
