शारदीय नवरात्रि आज शुरू हो गए हैं. इसको लेकर अलग-अलग शहरों में माता के मंदिरों में श्रद्धालुओं की खासा भीड़ देखने को मिल रही है.तडके सुबह से ही भक्त मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना के लिए मंदिरों में लाइन में लगे हैं. सीएम योगी ने सभी प्रदेशवासियों को नवरात्रि की बधाई दीत हुए सबकी मंगल कामना की प्रार्थना की है.

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सीएम योगी ने नवरात्र के पहले दिन अपने सोशल मीडिया हैंडल पर संदेश देते हुए लिखा, "शक्ति की आराधना के पावन पर्व शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिवस पर आदिशक्ति मां शैलपुत्री के चरणों में नमन. मां की असीम कृपा से सभी के जीवन में आत्मबल, धैर्य और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो, समस्त जगत में शांति, सद्भाव व समृद्धि का विस्तार हो और हर घर सुख-मंगल से आलोकित रहे. जय मां शैलपुत्री."

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प्रयागराज के अलोप शंकरी शक्तिपीठ में उमड़े श्रद्धालु 

प्रयागराज में मंदिरों में आज सुबह से ही भक्तों की भीड़ देखने को मिल रही है. अलोप शंकरी शक्तिपीठ मंदिर के मुख्य पुजारी मनसुख महाराज ने शक्तिपीठ के इतिहास के बारे में बताया, "यहां माता सती की दाहिने हाथ की अनामिका उंगली गिरी थी और वह अदृश्य हो गई थी.इसलिए, यह मंदिर अलोपी माता और शक्तिपीठ महादेश्वरी के नामों से प्रसिद्ध है. आज शारदीय नवरात्रि का पहला दिन है और आज शैलपुत्री की पूजा की जाती है. इसी वजह से, सुबह से ही दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतार लगी हुई है और सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं."

वाराणसी में भक्तों का दिखा उत्साह 

उधर धर्मनगरी वाराणसी में भी नवरात्र के पहले दिन मंदिरों में भक्तों की भीड़ देखने को मिली. मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना को पहुंची एक श्रद्धालु ने कहा, "यह शारदीय नवरात्रि का पहला दिन है और हम पूरी अवधि के दौरान व्रत रखते हैं.हम अनुष्ठान करते हैं, पूरी श्रद्धा के साथ पूजा करते हैं और दर्शन के लिए यहां आए हैं. भीड़ बहुत ज़्यादा है. सामान्य से भी कहीं ज्यादा. मां के दर्शन करना ही सबसे महत्वपूर्ण है, और यह अनुभव अद्भुत है."

लखनऊ में चंद्रिका देवी में भक्तों के प्रवेश पर रोक 

राजधानी लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने और जलभराव के कारण मां चंद्रिका देवी मंदिर में भक्तों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है. देवी की पूजा-अर्चना भक्तों की अनुपस्थिति में ही की जा रही है.

मंदिर के पुजारी ने कहा  "मंदिर और खासकर मां के गर्भगृह पर बाढ़ का असर ऐसा है कि भक्तों की जो भारी भीड़ आमतौर पर दिखती थी, वह नदारद है. अभी स्थिति यह है कि हम पुजारी आपस में मिलकर ही आरती कर रहे हैं. गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण भक्त मंदिर तक नहीं पहुंच पा रहे हैं. इसी वजह से दर्शनार्थियों की संख्या पर असर पड़ा है."

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