उत्तर प्रदेश में शामली के चर्चित आयुष मलिक धर्मांतरण मामले में आयुष मालिक की कथित पत्नी चांदनी कुरैशी व उसके पिता इस्लाम कुरैशी को जमानत मिल गयी है. जिला न्यायालय जिलाधीश इंद्रप्रीत सिंह जोश की अदालत ने पिता-पुत्री दोनों की जमानत मंजूर की.

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आयुष मलिक दवा व्यवसायी देवराज मलिक का बीटा है. आरोप था कि प्रॉपर्टी के लालच में बेटे का माइंडवाश किया गया था और धर्मान्तरण भी. जबकि अभी एक अन्य आरोपी तौफीक उर्फ भोला की जमानत याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकी. उसकी सुनवाई अब 29 जुलाई को होगी. देवराज मलिक की तहरीर पर नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था.

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क्या था पूरा मामला ?

आयुष मलिक बी-फार्मा है और परिवार के साथ ही मेडिकल व्यवसाय में मदद करता था. 2018 में उसे पैर की चोट लगी तब वह फिजियोथेरेपिस्ट और जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी के संपर्क में आया. इसके बाद दोनों के संबंध बढ़ते गए. आयुष के परिवार का आरोप है कि चांदनी और उसके परिवार ने बेटे का माइंडवाश कर उसका धर्मान्तरण करा दिया और उसका नाम मोहम्मद अली रख दिया. यही नहीं उसका चांदनी से निकाह भी करवा दिया. परिवार के मुताबिक प्रॉपर्टी हड़पने के लिए चन्नी ने ये सब किया.

जून में दर्ज हुआ मुकदमा 

देवराज मलिक की शिकायत पर शामली पुलिस ने धर्मान्तरण केस में 9 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया. और चांदनी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी को गिरफ्तार कर लिया. एक मौलवी को भी गिरफ्तार कर लिया. इस पूरे मामले को लव जिहाद से जोड़ दिया गया, जिसके बाद ये चर्चा में आ गया. फिलहाल आयुष फिर अपने परिवार में लौट आया और हिन्दू धर्म में ही उसने अपनी आस्था जताई.

अब कोर्ट ने चांदनी और उसके पिता को जमानत दे दी है, जिसके बाद फिर से इस मामले ने तूल पकड लिया है. आयुष और उसके परिवार ने चांदनी से परिवार को खतरा बताया है.

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