अलीगढ़ में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों के द्वारा जिला कलेक्ट्रेट के सामने जमकर प्रदर्शन किया है. समाजवादी पार्टी के नेताओं का साफ कहना है रामपुर की जौहर विश्वविद्यालय को लेकर उनके द्वारा यह प्रदर्शन किया जा रहा है, जब तक जौहर विश्वविद्यालय की तरफ से मोजूदा सरकार अपना ध्यान नहीं हटा लेगी तब तक यह प्रदर्शन ऐसे ही चलता रहेगा.

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उनका कहना है कि जिस तरह से लोग दुश्मनी के दुश्मन होते हैं, ठीक उसी तरह मौजूदा सरकार शिक्षा की दुश्मन है. यही कारण है जो और विश्वविद्यालय को तोड़ने के लिए लगातार सरकार प्रयास कर रही है, लेकिन जब भी सरकार के द्वारा ऐसा काम किया जाएगा उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

जोहर विश्वविद्यालय को तोड़ा तो रामपुर को बना देंगे जंतर मंतर

समाजवादी पार्टी के नेताओं का कहना है मौजूदा सरकार के खिलाफ आज वह धरने पर बैठे हैं, अगर उनकी मांगो को नहीं सुना गया तो जल्द रामपुर कूच की जाएगी. समाजवादी पार्टी की जिला अध्यक्ष लक्ष्मी सिंह धनगर के द्वारा बताया गया आज समाजवादी पार्टी के नेताओं के द्वारा इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया है, जल्द जोहर विश्वविद्यालय को लेकर सरकार के द्वारा अपना आदेश स्पष्ट नहीं किया तो प्रदर्शन बड़ा होगा.

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महानगर अध्यक्ष अब्दुल हमीद घोसी के द्वारा बताया गया जोहर विश्वविद्यालय को तोड़ने का अगर प्रयास किया गया तो रामपुर को जंतर मंतर में तब्दील कर देंगे. अलीगढ़ से दर्जनों लोग रामपुर में कुछ करेंगे और एक उग्र प्रदर्शन समाजवादी पार्टी के नेताओं के द्वारा किया जाएगा, जिसका जिम्मेदार मौजूदा सरकार होगी.

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पुलिस पर गाली-गलौज और पिस्तौल निकालने का आरोप  

अलीगढ़ में समाजवादी पार्टी के छात्र सभा के महानगर अध्यक्ष मौहसिन मेवाती पुतला फूकने की तैयारी में जुटे हुए थे, तभी इंस्पेक्टर सिविल लाइन सत्यवीर सिंह के द्वारा उनसे पुतला दहन ना करने की बात कही गई. इंस्पेक्टर सिविल लाइन के द्वारा साफ तौर पर कहा गया कि अगर तुम पुतला फूंकोगे तो अबकी बार मुकदमा दर्ज किया जाएगा और साथ ही कड़े शब्दों में चेतावनी भी दी.

प्रदर्शन के दौरान सपा नेता मौहसिन मेवाती और सिविल लाइन थाने के इंस्पेक्टर के बीच कहासुनी हो गई. इसकी जानकारी जैसे ही प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को मिली, उन्होंने आरोप लगाया कि इंस्पेक्टर विरोध प्रदर्शन में बाधा डाल रहे हैं और सपा कार्यकर्ताओं को हड़काने का प्रयास कर रहे हैं. सपा नेताओं का आरोप है कि इंस्पेक्टर ने मौहसिन मेवाती के साथ बदसलूकी की, गाली-गलौज की और उन्हें बंद करने की धमकी दी. इसके साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि विरोध बढ़ने पर इंस्पेक्टर ने अपनी पिस्तौल निकाल ली, जिससे मौके पर माहौल तनावपूर्ण हो गया. 

सपा कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर की इंस्पेक्टर के निलंबन की मांग

घटना के बाद सपा कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर इंस्पेक्टर के निलंबन की मांग शुरू कर दी. सूचना पर पहुंचे क्षेत्राधिकारी सर्वन सिंह ने कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया, जबकि एसीएम द्वितीय परितोष मिश्रा ने सपा नेताओं से ज्ञापन प्राप्त किया, जिसके बाद प्रदर्शनकारी वहां से रवाना हो गए. इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो के आधार पर कई लोग इंस्पेक्टर पर सपा नेता के साथ अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगा रहे हैं. हालांकि, क्षेत्राधिकारी सर्वन सिंह ने इस मामले पर फिलहाल कोई टिप्पणी करने से परहेज किया है.

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