आरक्षण सुधार आंदोलन से जुड़े छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के साथ डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने शनिवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के साथ खड़ी है और छात्रों की मांगों को केंद्र सरकार तक पहुंचाया जाएगा.

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ब्रजेश पाठक ने कहा कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुना गया है. अगले दो दिनों में छात्रों के प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात केंद्रीय मंत्री से कराई जाएगी. आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हर्ष दुबे, मृत्युंजय पाठक और शिवा शर्मा ने कहा कि उनका प्रदर्शन शांतिपूर्ण है. उनकी मांग है कि देश के हर छात्र को आगे बढ़ने का समान अवसर मिले.

छात्रों की मुख्य मांग क्या है?

छात्रों ने अपने पत्र में कहा है कि मौजूदा शिक्षा व्यवस्था में छात्रों के बीच पढ़ाई और मेरिट को लेकर काफी अंतर है. उनका कहना है कि सभी छात्रों की बौद्धिक क्षमता के विकास के लिए बेहतर अवसर मिलने चाहिए. छात्रों ने प्रोफेशनल कोर्स में दाखिले के लिए अवसर बढ़ाने की मांग की है, ताकि किसी छात्र के साथ अन्याय न हो और सभी को आगे बढ़ने का मौका मिल सके. डिप्टी सीएम ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि उनकी आवाज उचित मंच तक पहुंचाई जाएगी और समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा.

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क्या है पूरा मामला ?

दरअसल दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण हटाओ आंदोलन के बैनर तले 21 अगस्त को देश के अलग-अलग इलाकों से सैकड़ों युवा जुटे थे. इनकी मांग थी कि जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था में अब बदलाव होना चाहिए. इसके साथ ही UGC नियमों को लेकर भी इनकी मांग थी. इस बीच शुक्रवार शाम को दिल्ली पुलिस ने इन सबको धरना-प्रदर्शन से हटा दिया था.

लखनऊ में डिप्टी सीएम से की मुलाक़ात 

इसके बाद आज आंदोलन के प्रतिनिधिमंडल ने लखनऊ में डिप्टी सीएम से मुलाक़ात की और आरक्षण पर समीक्षा के साथ जाति आधारित आरक्षण बंद करने की मांग की और अपना पक्ष रखा. अब ये मामला बीजेपी सरकार के पाले में चला गया है. चूंकि मामला बेहद संवेदनशील है लिहाजा सरकार इस पर क्या फैसला लेगी ? ये देखना दिलचस्प होगा. 

अभी इस मामले के अब तूल पकड़ने के आसार हैं क्योंकि इसके लिए काफी समय से सोशल मीडिया पर समर्थन जुटाया जा रहा है. जो बिल्कुल कॉकरोच जनता पार्टी की तर्ज पर नजर आ रहा है. लेकिन उसे इस तरह की सफलता मिल पाएगी या नहीं यह कह पाना मुश्किल है.

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