अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में नए ट्रस्टी की नियुक्ति को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है. ट्रस्ट सदस्य महंत दिनेन्द्र दास ने राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र की जगह उनके पुत्र यतीन्द्र मोहन मिश्र को ट्रस्टी बनाए जाने का प्रस्ताव दिया है. सूत्रों के मुताबिक ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष ने इस संबंध में यतीन्द्र मोहन मिश्र से मुलाकात भी की है.

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बता दें कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद के बीच ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपना इस्तीफा सौंपा था, जिसे ट्रस्ट की बैठक में मंजूर कर लिया गया है. रामलला मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू हो गई है. 

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नियुक्ति के बाद कार्यवाहक महासचिव क्या बोले?

महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए जाने के बाद ट्रस्ट ने वरिष्ठ सदस्य कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी है. पदभार संभालते ही कृष्ण मोहन ने स्पष्ट किया कि चोरी के मामले में दोषियों को कानून के मुताबिक सजा दिलाना और ट्रस्ट की व्यवस्थाओं में सुधार कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी.

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सोमवार को हुई विशेष बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार करने के साथ ही ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव नियुक्त किया. 

चढ़ावा चोरी को लेकर क्या कहा?

स्थायी महासचिव की नियुक्ति होने तक वह ट्रस्ट के प्रशासनिक और प्रबंधन संबंधी कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे. नई जिम्मेदारी मिलने के बाद कृष्ण मोहन ने कहा कि जो भी व्यक्ति चढ़ावा चोरी प्रकरण में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित कराना ट्रस्ट की प्राथमिकता होगी. 

उन्होंने कहा कि इस घटना से केवल ट्रस्ट ही नहीं, बल्कि करोड़ों रामभक्तों की भावनाएं भी आहत हुई हैं. उन्होंने स्वीकार किया कि मंदिर के प्रबंधन और संचालन व्यवस्था में कुछ कमियां थीं, जिनका गलत लोगों ने फायदा उठाया. अब इन कमियों को दूर कर पूरी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और सुरक्षित बनाया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.

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