वाराणसी में स्थित द्वादश ज्योतिर्लिंग में से एक भगवान काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करने के लिए आम दिनों में भी भारी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं. ये संख्या सावन के महीने में और भी बढ़ जाती है. इस बार सावन का महीना 30 जुलाई से शुरू हो रहा है. ऐसे में वाराणसी जिला प्रशासन ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी है. मंगलवार को जिला प्रशासन ने मंदिर प्रशासन के साथ मिलकर एक उच्च स्तरीय बैठक की. 

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जिला प्रशासन की बैठक में सावन के दौरान किस तरह से श्रद्धालुओं को सुलभ दर्शन उपलब्ध कराया जाए और उनकी सुरक्षा- व्यवस्था को पुख्ता रखा जाए इसको लेकर अहम निर्णय लिए गए हैं. इसी बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बनारस वालों को  दर्शन करने को लेकर अलग द्वार से प्रवेश के लिए व्यवस्था सुनिश्चित करने का दिशा निर्देश दिया है. 

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अलग द्वार से काशी वाले कर सकेंगे दर्शन

एबीपी लाइव को मिली जानकारी के अनुसार सावन माह में भगवान विश्वनाथ का पांच विशेष श्रृंगार किए जाएंगे. मंदिर में अलग-अलग मार्ग से प्रवेश होगा, इसके अलावा बाबा का सोशल मीडिया पर भक्तों को लाइव दर्शन भी प्राप्त होगा. मंदिर में किसी भी प्रकार का VIP प्रोटोकॉल दर्शन नहीं प्राप्त हो सकेगा. 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी वालों को एक अलग द्वार से प्रवेश करके बाबा के दर्शन को लेकर सुविधा प्रदान की है. सुबह 4:15 से रात्रि 10:45 तक काशी वालों को यह सुविधा मिल सकेगी. इससे पहले सुबह और शाम एक-एक घंटे काशी वालों को दर्शन की विशेष सुविधा मिलती थी. 

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मेडिकल इमरजेंसी और भीड़ नियंत्रण का प्लान

काशी विश्वनाथ मंदिर में सावन माह के दौरान करोड़ों श्रद्धालु मन्दिर दर्शन करने पहुंचते हैं. ऐसे में इस दौरान भीड़ को नियंत्रित करने से लेकर श्रद्धालुओं के बुनियादी सुविधाओं को खास तौर पर ध्यान में रखा गया है. मेडिकल इमरजेंसी शुद्ध पेयजल एवं अलग-अलग प्रवेश द्वार से श्रद्धालुओं के प्रवेश को लेकर बैठक में मंथन किया गया है. इस दौरान मंदिर परिसर में पर्याप्त सुरक्षा बल भी तैनात किए जाएंगे. 

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