उत्तर प्रदेश स्थित अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले के बीच श्रीराममंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक आहूत की गई है. सोमवार, 6 जुलाई को दोपहर 3 बजे होने वाली इस बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर फैसला लिया जा सकता है. इससे पहले भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता और राज्यसभा के पूर्व सांसद दिग्विजिय सिंह ने बड़ी मांग की है. एबीपी न्यूज़ से एक्सक्लूसिव बातचीत करते हुए दिग्वजिय सिंह  मांग की है कि  राम मंदिर ट्रस्ट भंग करके नरसिम्हा राव ने जिस रामालय ट्रस्ट को बनाया था, उसको ही राम मंदिर के संचालन का जिम्मा सौंप देना चाहिए.

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सिंह ने यह भी दावा किया कि अब तक की मौजूदा परिस्थिति से यह संकेत मिल रहे हैं कि चंपत राय और अनिल मिश्रा बचाने के उपक्रम किए जा रहे हैं.

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक से पहले सिंह ने कहा कि लगभग 1 महीना होने को आया, चंपत राय और अनिल मिश्रा के खिलाफ सप्रमाण, अनेक मामले आए लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई. आज जो चर्चा है ट्रस्ट में वह यह कि चंपत और अनिल का इस्तीफा मंजूर किया जाए या नहीं.

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राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक से पहले अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास की चिट्ठी ने मचाई हलचल, किस ओर है इशारा?

'अभी कोई ऐसा कदम नहीं उठाया है कि...'

मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच समिति यानी एसआईटी पर कहा कि अभी कोई ऐसा कदम नहीं उठाया है कि इनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

उन्होंने दावा किया कि ऐसा लग रहा है कि सरकार चंपत राय और अनिल मिश्रा, इन दोनों को बचाने में लगी हुई है. सिंह ने पूछा कि संघ, मुख्यमंत्री के दावों के बावजूद भी आखिर कार्रवाई कहां हो रही है? कार्रवाई की बात तो कही जा रही है लेकिन हुई कहां? दीनानाथ वर्मा, महिपाल सिंह का जिक्र हुआ लेकिन एक्शन कहां हुआ? यह पूछे जाने पर कि ट्रस्ट की बैठक में एसआईटी की रिपोर्ट पर भी चर्चा हो सकती है, पर सिंह ने कहा कि होनी चाहिए और एसआईटी की रिपोर्ट पब्लिक भी की जाए.