अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद के बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि इस मामले की अभी जाँच हो रही हैं इसलिए वो कुछ नहीं बोलेंगे, जब जाँच पूरी हो जाएगी तब वो बताएंगे कि जाँच सही हुई हैं या नहीं. उन्होंने कहा कि इस विवाद की वजह से आज आम लोग अयोध्या से कट गए हैं.
पूरी बीजेपी सांसद ने दावा किया कि वो अयोध्या में हो रही गड़बड़ियों को लेकर काफी पहले से आवाज़ उठाते आ रहे हैं. उन्होंने पहले ही शासन और प्रशासन से गुहार लगाई थी कि ये सब ठीक नहीं हो रहा है. लेकिन, उनकी बात को नहीं सुना गया.
चढ़ावा चोरी मामले पर बोले बृजभूषण शरण सिंह
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा- "मैं पहला व्यक्ति हूं, जो अयोध्या के अंदर आम जन मानस के साथ या परिक्षेत्र जिसमें देवी पाटन, बाराबंकी है या अंबेडकर नगर हैं. यहां क्या हुआ..? इन सब पर मैं चार-पांच साल से बोलता आ रहा हूं." उन्होंने कहा कि अब जैसे इतने बैरियर लगाए गए थे वो क्यों लगाए थे? उससे क्या लाभ मिला?
अयोध्या की राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री आवास की तर्ज पर सुरक्षा होनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. जिसका नतीजा ये हुआ कि आज अयोध्या से आम जनमानस कट गया. जहां तक भ्रष्टाचार की बात है तो मैंने तब ये बात कही थी जब किसी ने इस पर नहीं बोला था, आज भी अयोध्या के अंदर बैरियर लगे हुए हैं..जैसे रंग महल एक मंदिर हैं उसके आगे बैरियर लगा हुआ हैं. जबकि वो बैरियर दूसरी जगह जा सकता है. बात बहुत दूर तक जा चुकी है. ये सब किसी के इशारे पर हो रहा है.
ये ठीक नहीं हो रहा- बृजभूषण शरण सिंह
बृजभूषण ने कहा कि अब इस मामले की जांच हो रही है, लोग अपना काम कर रहे हैं. जब जाँच पूरी हो जाएगी तब मैं एक बार फिर बोलूंगा कि जाँच सही हुई या नहीं हुई. इसलिए, अभी मैं कुछ नहीं कहूंगा, क्योंकि मैं अयोध्या की रग-रग से वाक़िफ हूं. गली-गली से वाक़िफ़ हूं..एक-एक मुद्दे से वाक़िफ़ हूं और मैं चार-पांच साल से शासन प्रशासन सबसे गुहार कर रहा हूं कि ये ठीक नहीं हो रहा है.
बता दें कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला सामने आने के बाद अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट की अहम बैठक होने जा रही हैं. इस बैठक में दान चोरी विवाद को लेकर आई एसआईटी की रिपोर्ट और 2025-26 वित्तीय वर्ष की ऑडिट रिपोर्ट पर चर्चा होगी. इसके अलावा ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर भी अंतिम फैसला लिया जा सकता है.
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