राम नगरी अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि परिसर के मंदिरों से चढ़ावे की धनराशि चोरी होने के मामले में अब सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. लगातार उठ रहे सवालों और विवादों के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की मांग पर शासन ने विशेष जांच समिति (SIT) का गठन कर दिया है. यह समिति पूरे मामले की जांच कर निर्धारित समय में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी.

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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने चढ़ावे की धनराशि में कथित चोरी के मामलों को लेकर सरकार से विशेष जांच कराने का अनुरोध किया था. ट्रस्ट का कहना था कि मामले को लेकर लगातार नए आरोप सामने आ रहे हैं, जिससे भ्रम की स्थिति बन रही है. इसके बाद शासन ने तीन सदस्यीय विशेष जांच समिति गठित करने का निर्णय लिया.

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3 वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी

गठित समिति की अध्यक्षता लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत करेंगे. इसके अलावा आईजी रेंज किरन एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन को समिति का सदस्य बनाया गया है. यह टीम मामले के सभी पहलुओं की जांच करेगी और तथ्यों के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी.

7 दिन में प्रारंभिक, 15 दिन में अंतिम रिपोर्ट

शासन ने जांच प्रक्रिया को समयबद्ध रखने के निर्देश दिए हैं. समिति को सात दिनों के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपनी होगी, जबकि 15 दिनों के अंदर अंतिम रिपोर्ट सरकार के सामने पेश करनी होगी. जांच के दौरान दान पात्रों में जमा होने वाली राशि, उसकी सुरक्षा व्यवस्था और धनराशि के प्रबंधन से जुड़े सभी बिंदुओं की पड़ताल की जाएगी.

राम मंदिर में चढ़ावे की रकम चोरी होने के आरोपों को लेकर पिछले कुछ समय से लगातार चर्चाएं हो रही थीं. मामले को लेकर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए जा रहे थे. पहले ट्रस्ट की ओर से आंतरिक जांच और ऑडिट की बात कही गई थी, लेकिन विवाद बढ़ने के बाद स्वतंत्र जांच की जरूरत महसूस की गई.

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अब एसआईटी के गठन के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि मामले की सच्चाई सामने आएगी और अगर जांच में किसी प्रकार की गड़बड़ी या लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है. देश की आस्था के सबसे बड़े केंद्रों में शामिल राम मंदिर से जुड़े इस मामले पर सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं.