केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन को अब धीरे-धीरे राजनीतिक और सामाजिक संगठनों का समर्थन मिलने लगा है. सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का आज 19वां दिन है. इसी कड़ी में संयुक्त किसान मोर्चा के नेता राकेश टिकैत आंदोलन को समर्थन देने जंतर-मंतर पहुंचे.

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एबीपी न्यूज़ से खास बातचीत में राकेश टिकैत ने कहा कि उनका संगठन हमेशा जन आंदोलनों और आंदोलनकारियों के साथ खड़ा रहता है. उन्होंने कहा कि सरकार को भूख हड़ताल का संज्ञान लेना चाहिए, लेकिन सिर्फ भूख हड़ताल से सरकार पर असर नहीं पड़ता, बदलाव आंदोलन से आता है.

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टिकैत ने कहा कि देश का युवा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है, लेकिन यह सरकार इस्तीफा नहीं देगी. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे भूख हड़ताल के समर्थन में नहीं हैं, लेकिन संयुक्त किसान मोर्चा इस आंदोलन का पूरा समर्थन करता है. वहीं, 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च में शामिल होने के सवाल पर राकेश टिकैत ने कहा कि वह उस दिन मार्च में शामिल नहीं होंगे.

अभी कैसी है वांगचुक ही सेहत?

बता दें पिछले 19 दिन से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे सोनम वांगचुक का वजन गुरुवार को नौ किलोग्राम से अधिक कम हो गया है और उनके डॉक्टर ने चेतावनी दी है कि लंबे समय से भूख हड़ताल करने के कारण वह गंभीर चरण में पहुंच गए हैं और इससे उनके अंगों पर असर पड़ना शुरू हो सकता है. 

वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर जानकारी उनके उस वीडियो संदेश के कुछ घंटों बाद आयी जो उन्होंने बुधवार देर रात जारी किया था. इस वीडियो संदेश में उन्होंने राजनीतिक दलों के नेताओं और समर्थकों की अपील के बावजूद अपनी भूख हड़ताल खत्म करने से इनकार कर दिया और कहा कि सरकार की ओर से कोई जवाब मिले बिना इसे खत्म करने से गलत संदेश जाएगा. 

इसके बजाय, उन्होंने लोगों से 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के प्रस्तावित संसद मार्च को मजबूत करने की अपील की. आंदोलन को लगातार समर्थन मिल रहा है.