लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनशन पर बैठे हैं. आज गुरुवार को उनके अनशन का 19वां दिन हैं, जिसके बाद उनकी बिगड़ने लगी है. जिसे लेकर उत्तर प्रदेश में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रवक्ता शादाब चौहान बीजेपी सरकार पर तीखा हमला किया है. 

Continues below advertisement

AIMIM ने शादाब चौहान ने एबीपी न्यूज से बात करते हुए केंद्र सरकार को अहंकारी बताया और कहा कि पीएम मोदी के पास पूरी दुनिया में घूमने के वक्त है लेकिन जो व्यक्ति शिक्षा से जुड़ा हुआ है, जो सरकार से कुछ कहना चाहता है उससे मिलने का वक्त नहीं है. उन्होंने सवाल किया कि आख़िर सरकार ऐसे नाकाम शिक्षा मंत्री को हटा क्यों नहीं रही है.

केंद्र सरकार को बताया अहंकारी

शादाब चौहान ने कहा- "सरकार अंहकार में डूबकर बिना रिसर्च के क़ानून लेकर आती है और अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए अहंकार का प्रयोग करती है, ये कोई नई बात नहीं है. सीएए का कानून आया तब भी जनता ने प्रदर्शन किया, कृषि क़ानून आया उसमें भी किसानों ने प्रदर्शन किया. सबसे पहले औवैसी साहब ने नीट पेपर लीक की बात उठाई थी और सभी लोगों ने बाद में इसे बोला. 

Continues below advertisement

धर्मेद्र प्रधान का इस्तीफा क्यों नही लेते पीएम

उन्होंने कहा कि सरकार को शिक्षा नीति, उसे लेकर और आज़ाद भारत के सबसे नाकाम शिक्षा मंत्री उन्हें हटाने में दिक्कत क्या है? एक बुजुर्ग व्यक्ति से मिलने के लिए अगर अपने प्रधानमंत्री के पास समय नहीं है लेकिन, पूरे विश्व में घूमने के लिए समय है. जो व्यक्ति शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ा रहा वो आज कुछ तथ्य रखना चाहता है उनसे मिलने में समस्या क्या है.

AIMIM नेता ने कहा कि विपक्ष में कौन समर्थन कर रहा है कौन नहीं ये महत्वपूर्ण सवाल नहीं है. किसका सहयोग उनके पास है, किसका नहीं ये भी जरूरी सवाल नहीं है. जरूरी ये है कि जो व्यक्ति शिक्षा के संबंध में अपनी बात करना चाहता है अपने तर्क रखना चाहता है तो प्रधानमंत्री को उनसे बात करनीं चाहिए. ऐसे नाकाम शिक्षा मंत्री की भारत को आवश्यकता नहीं है. 

5 वक्त के नमाजी थे भगवान कृष्ण...', यूपी के इस मौलाना के विवादित बयान पर बवाल; अब दर्ज होगी FIR?