उत्तराखंड के अल्मोड़ा में आयोजित कांग्रेस की जनसभा के दौरान पूर्व विधायक द्वारा अर्धकुंभ मेले को लेकर दिया गया बयान अब प्रदेश की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन गया है. अपने संबोधन में ठुकराल ने वर्तमान सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कुंभ जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में भी राजनीतिक लाभ के लिए हिंदुओं की जान जोखिम में डाली जा सकती है.

Continues below advertisement

राजकुमार ठुकराल ने कहा कि कुंभ मेला केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा एक अत्यंत संवेदनशील आयोजन है.ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए.उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार इस तरह के आयोजनों को भी राजनीतिक फायदे के नजरिए से देखती है, जो बेहद चिंताजनक है.

Continues below advertisement

                                                                                                                                                                                                                                                                                      

आयोजनों में लापरवाही का मूदा उठाया 

अपने बयान में ठुकराल ने यह भी कहा कि पहले भी बड़े आयोजनों में लापरवाही और कुप्रबंधन के मामले सामने आते रहे हैं, जिनका बाद में राजनीतिक रूप से इस्तेमाल किया गया.उन्होंने संकेत देते हुए कहा कि अगर समय रहते व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया, तो अर्धकुंभ जैसे विशाल आयोजन में गंभीर हादसे हो सकते हैं.

यह भी पढ़ें: Exclusive: हमसे बिना पूछे कैसे बिजली का रेट बढ़ाया गया? उर्जा मंत्री ने UPPCL चेयरमैन को लगाई फटकार

ठुकराल ने कहा कि कुंभ मेले में करोड़ों श्रद्धालु देश-विदेश से पहुंचते हैं, और इतनी बड़ी भीड़ को संभालने के लिए मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था, सुरक्षा इंतजाम और स्वास्थ्य सेवाएं बेहद जरूरी हैं.उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन बुनियादी तैयारियों की बजाय प्रचार और राजनीतिक लाभ पर अधिक ध्यान दे रही है.

धार्मिक आयोजनों में राजनीति पर जताया ऐतराज 

उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक आयोजनों को राजनीति से दूर रखना चाहिए, क्योंकि इससे न केवल आस्था को ठेस पहुंचती है बल्कि लोगों की जान भी खतरे में पड़ सकती है.ठुकराल के इस बयान ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या वास्तव में बड़े धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर पर्याप्त गंभीरता बरती जा रही है या नहीं.

राजकुमार ठुकराल के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है.उनके आरोपों ने अर्धकुंभ मेले की तैयारियों और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं.हालांकि, इस बयान की सच्चाई और इसके पीछे के तथ्यों को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही हैं, लेकिन इतना तय है कि इसने सियासी माहौल को गरमा दिया है.

कुल मिलाकर, ठुकराल का यह बयान न केवल राजनीतिक विवाद का कारण बना है, बल्कि इसने अर्धकुंभ जैसे बड़े धार्मिक आयोजन की सुरक्षा और प्रबंधन को लेकर भी गंभीर चर्चा छेड़ दी है.

यह भी पढ़ें: Mathura News: श्री बांके बिहारी मंदिर के पास हुए हादसे के बाद टूटी नगर निगम की नींद, भवन मालिकों को मिला नोटिस