उत्तराखंड के देहरादून का परेड ग्राउंड सोमवार को एक बड़े जनसमागम का गवाह बना. पुष्कर सिंह धामी सरकार के चार साल पूरे होने पर ‘जन-जन की सरकार-चार साल बेमिसाल’ कार्यक्रम आयोजित किया गया. मुख्यमंत्री धामी ने इस मौके पर 401 करोड़ 86 लाख रुपये की कुल 74 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. इससे पहले वे कनक चौक से परेड ग्राउंड तक रोड शो करते हुए पहुंचे और विभिन्न विभागों की प्रदर्शनियों का अवलोकन भी किया.

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मंच से बोलते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि चार साल पहले इसी मैदान में शपथ लेते वक्त उन्होंने देवभूमि के गौरव को पुनर्स्थापित करने का संकल्प लिया था. आज वे गर्व के साथ कह सकते हैं कि वह संकल्प तेजी से पूरा होने की राह पर है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस कथन को भी दोहराया जो 2021 में केदारनाथ की धरा से कहा गया था. ‘21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा.’ सीएम ने कहा कि इसी संकल्प को चरितार्थ करने के लिए उनकी सरकार दिन-रात काम कर रही है.

चार साल का हिसाब आंकड़ों में

सीएम धामी ने सरकार की प्रगति रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि बीते चार वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था डेढ़ गुना से अधिक बढ़ी है. पिछले एक साल में जीएसडीपी में 7.23 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और प्रतिव्यक्ति आय में 41 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. राज्य में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं. स्टार्टअप की संख्या महज 700 से बढ़कर साढ़े 17 सौ तक पहुंच गई है. ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में 3 लाख 76 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए, जिनमें से 1 लाख करोड़ से ज्यादा का निवेश जमीन पर उतर चुका है.

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2 लाख 65 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बनी हैं और रिवर्स पलायन में 44 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. यानी पहाड़ छोड़कर गए लोग वापस लौट रहे हैं.

युवाओं को नौकरीनकल माफिया को जेल

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले पेपर लीक और नकल के कारण मेहनती बच्चों के सपने टूट जाते थे. सरकार ने सख्त नकल विरोधी कानून लाकर इस पर लगाम लगाई. नतीजा- साढ़े चार साल में 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली और 100 से ज्यादा नकल माफिया आज जेल में हैं.

केंद्र की मुहर भी लगी

सीएम ने बताया कि नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य इंडेक्स 2023-24 में उत्तराखंड को देशभर में पहला स्थान मिला है. ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में अचीवर्स और स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी मिली है. खनन सुधारों के लिए केंद्र सरकार ने राज्य को देश में दूसरा स्थान देते हुए 200 करोड़ रुपये का पुरस्कार भी दिया है. इसके अलावा चार साल से लगातार उत्तराखंड देश का ‘मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट’ बना हुआ है.

401 करोड़ की 74 परियोजनाएं- किसेक्या मिला

इस कार्यक्रम में 302 करोड़ 42 लाख की 41 योजनाओं का लोकार्पण और 99 करोड़ 44 लाख की 33 योजनाओं का शिलान्यास हुआ. लोकार्पण में सबसे बड़ी परियोजना नमामि गंगे के तहत सपेरा बस्ती में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण की रही, जिसकी लागत करीब 79 करोड़ है. देहरादून शहर में कई इलाकों में सीवर लाइन बिछाने, जल निकासी सुधार और बाढ़ सुरक्षा के काम भी इसमें शामिल हैं. चकराता, कालसी और विकासनगर क्षेत्र में पर्वतीय नहरों के जीर्णोद्धार का काम भी पूरा हुआ.

शिक्षा के मोर्चे पर माजरीग्रांट, गुनियालगांव, बाड़वाला, ग्वासापुल, पॉजिटिलानी, लखवाड़ और कोटी कालोनी समेत सात राजकीय इंटर कॉलेजों में नए भवन बनकर तैयार हुए. सेलाकुई में 100 बिस्तरों वाले मानसिक स्वास्थ्य संस्थान का भी लोकार्पण हुआ. शिलान्यास की बड़ी परियोजनाओं में नागल ज्वालापुर से डोईवाला तक सड़क चौड़ीकरण, राजपुर रोड में पेयजल योजना सुदृढ़ीकरण और कई विधानसभा क्षेत्रों में नहरों के जीर्णोद्धार के काम शामिल हैं.

देवभूमि की पहचान बचाने का दावा

सीएम ने कहा कि सरकार ने समान नागरिक संहिता लागू की, धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानून लाए और 12 हजार एकड़ से अधिक सरकारी जमीन वापस कराई. जुलाई से सभी मदरसों में सरकारी बोर्ड का पाठ्यक्रम लागू होगा. कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री, सांसद, विधायक और वरिष्ठ अधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे.