उत्तर प्रदेश के एटा जनपद के जलेसर कस्बे में एक मुस्लिम परिवार की ईद की खुशियां उस समय मातम में बदल गयीं, जब 20 घंटे के भीतर ही एक ही परिवार के अंदर पिता और पुत्र दोनों की मौत हो गयी और दोनों को ग़मगीन माहौल में एक साथ ही सुपुर्द ए ख़ाक किया गया. परिजनों के साथ-साथ पूरे गांव में मातम छा गया.

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जलेसर कस्बे के मकसूदपुर गांव के निवासी 70 वर्षीय रफीक खा की तबियत ठीक नहीं थी. उनके बम्बई में रहने वाले 40 साल के बेटे जकील ने ईद के अवसर पर घर में आकर पिता का इलाज कराया और उनको आगरा डॉक्टर को दिखाने ले गए. 19 मार्च को रात में जानकारी बेटा पिता को आगरा के डॉक्टर को दिखा कर घर पर लाया. सभी लोग ईद मनाने की खुशियों में मशगूल थे कि तभी अचानक रात में जकील को कारडियक अरेस्ट का अटैक पद गया और उसकी मौत हो गयी.

बेटे की मौत से पिता को सदमा

अचानक बेटे की मौत से घर में कोहराम मच गया और सभी लोग और आस पास के क्षेत्र के लोग ग़मगीन हो गए. बेटे की खबर सुनकर बीमाऱ पिता को गहरा आघात लगा और उनकी भी हालत बिगड़ती चली गयी. 20 मार्च की रात 10 बजे के लगभग 70 साल के बुजुर्ग पिता रफीक खान ने भी पुत्र के विक्षोभ में दम तोड़ दिया. 20घंटे के भीतर एक ही घर में दों लोगों की मौत से परिवारिजनों व आस पास के लोगों में शोक की लहर दौड़ गयी.

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मुंबई में सिलाई का काम करता था जकील

रफीक का बेटा जकील बम्बई में रहकर टेलर का काम करता है. अगले दिन उसकी पत्नी और बच्चों के मुंबयी से आ जांने के बाद दोनों मृतको का एक ही जगह अंतिम संस्कार कर दिया गया. जनपद में ईद के ऐन मौके पर मकसूदपुर गांव में एक ही घर में 20 घंटे के अंदर हुई पिता और पुत्र की मौत से पूरा परिवार स्तब्ध है.