उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में प्रदेश का माहौल उत्सवमय है. इसी क्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तीन दिवसीय दौरे पर रविवार को उत्तराखंड पहुंचीं. देहरादून जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि) गुरमीत सिंह ने पुष्पगुच्छ भेंट कर राष्ट्रपति का स्वागत किया. एयरपोर्ट से वह सेना के विशेष हेलिकॉप्टर से हरिद्वार रवाना हुईं, जहां उन्होंने पतंजलि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि भाग लिया.

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हरिद्वार में आयोजित इस समारोह में राष्ट्रपति मुर्मू ने विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को उपाधियां प्रदान कीं और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया. अपने संबोधन में उन्होंने शिक्षा को जीवन में सबसे बड़ा निवेश बताया और युवाओं से देश की प्रगति में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया. राष्ट्रपति ने कहा कि भारत आज विश्व मंच पर नई पहचान बना रहा है और ऐसे में युवा शक्ति की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है.

हरिद्वार और देहरादून में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

राष्ट्रपति के दौरे को लेकर हरिद्वार और देहरादून में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. पुलिस, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने पहले ही एयरपोर्ट से लेकर राष्ट्रपति निकेतन तक रिहर्सल कर ली थी. राष्ट्रपति के लिए चार हेलिकॉप्टर दो दिन पहले ही जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंच गए थे.

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देहरादून, नैनीताल और कैंचीधाम में व्यस्त रहेगा राष्ट्रपति का कार्यक्रम

रविवार को हरिद्वार प्रवास के बाद राष्ट्रपति मुर्मू देहरादून लौटकर राष्ट्रपति निकेतन में रात्रि विश्राम करेंगी. सोमवार को वह उत्तराखंड स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित विधानसभा के विशेष सत्र को सुबह 11 बजे संबोधित करेंगी. यह उत्तराखंड विधानसभा के इतिहास में दूसरा अवसर होगा जब किसी राष्ट्रपति का अभिभाषण होगा. इसके बाद राष्ट्रपति शाम को नैनीताल स्थित राजभवन में आयोजित रजत जयंती समारोह में शामिल होंगी.

तीसरे दिन मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कैंचीधाम में बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन करेंगी और फिर नैनीताल स्थित कुमाऊं विश्वविद्यालय के 20वें दीक्षांत समारोह में शिरकत करेंगी. प्रदेश में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के आगमन से रजत जयंती समारोह का उत्साह चरम पर है.