Prayagraj News: समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के नेता और पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Maurya) ने रामचरितमानस (Ramcharitmanas) पर सवाल उठाने के बाद अब बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham) सरकार के नाम से मशहूर कथा वाचक धीरेंद्र शास्त्री (Dhirendra Shastri) पर विवादित टिप्पणी की है. स्वामी प्रसाद मौर्य की इस टिप्पणी से प्रयागराज (Prayagraj) के माघ मेले में मौजूद संत महात्मा बेहद नाराज हैं. स्वामी प्रसाद मौर्य की बयानबाजी के विरोध में माघ मेले में मौजूद संत महात्माओं ने शनिवार को यज्ञ, हवन और पूजन किया. संतों ने इस मौके पर शंखनाद करते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य को चेतावनी दी और बागेश्वर बाबा का खुलकर समर्थन किया.
परमहंस आश्रम के महंत शिवयोगी मौनी महाराज के पंडाल में हुए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संत महात्मा और कल्पवासी शामिल हुए. महिला संतों और श्रद्धालुओं ने इस मौके पर रामचरितमानस का पाठ किया. संतों ने इस मौके पर स्वामी प्रसाद मौर्य की 'सद्बुद्धि' के लिए प्रार्थना की और साफ तौर पर कहा कि वह बागेश्वर बाबा का खुलकर समर्थन कर रहे हैं. बागेश्वर बाबा के बहाने सनातन धर्म पर निशाना साधते हुए वोट बैंक की पॉलिटिक्स की जा रही है. इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
राम नाम का जप कर जताया विरोधसंतों ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं. इसी वजह से वह तमाम लोगों के निशाने पर आ गए हैं. संतों ने इस मौके पर रामचरितमानस की चौपाइयों का पाठ किया और भजन गाते हुए श्रीराम नाम का जाप करते हुए अनूठे अंदाज में अपना विरोध जताया. संतों ने साफ तौर पर कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य अब अपनी हदें पार करते जा रहे हैं. उन्होंने रामचरितमानस पर सवाल उठाने के बाद बागेश्वर बाबा पर निशाना साधा और साथ ही संतो को लेकर भी अमर्यादित टिप्पणी की है. यह समाज को बांटने की सीधे तौर पर कोशिश है.
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