देश को चिकित्सा उपकरणों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और निवेशकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने इंडिया मेडटेक एक्सपो 2025 में अपना स्टाल लगाया है. यह तीन दिवसीय आयोजन 4 से 6 सितंबर तक नई दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में हो रहा है. यहां यीडा ने सेक्टर-28 में विकसित हो रहे मेडिकल डिवाइस पार्क (एमडीपी) की संभावनाओं को प्रस्तुत किया और बायर्स-सेलर्स मीट के जरिए निवेशकों को जानकारी दी.
यीडा के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि देश की चिकित्सा उपकरणों पर विदेश पर निर्भरता खत्म करने के लिए मेडिकल डिवाइस पार्क तेजी से विकसित किए जा रहे हैं. यहां तैयार किए गए उपकरण न केवल घरेलू जरूरतें पूरी करेंगे बल्कि निर्यात में भी बड़ा योगदान देंगे. केंद्र सरकार ने इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर मेडिकल डिवाइस का गठन किया है.
निवेश और उद्योगों की स्थिति
अब तक 89 कंपनियों ने करीब 1219 करोड़ रुपये का निवेश सुनिश्चित करते हुए जमीन आवंटित कराई है. यीडा ने पॉलीमेड मेडिकल डिवाइस, एलपीसी हेल्थकेयर, अगात्सा सॉफ्टवेयर, सर्जिकल टेक्नोलॉजीज, एपीसी प्राइवेट लिमिटेड और यूनिवर्सल मेडिकेयर जैसी नामी कंपनियों को भूखंड आवंटित किए हैं. ये कंपनियां सर्जिकल उपकरण, डायग्नोस्टिक मशीनें और स्वास्थ्य तकनीक से जुड़े उपकरण तैयार करेंगी. वर्तमान में सात कंपनियों का निर्माण कार्य भी जारी है.
इसके अतिरिक्त 21 भूखंडों की नई योजना लॉन्च की गई है, जिनका आवंटन जल्द किया जाएगा. शेष 66 भूखंडों की प्रक्रिया प्राधिकरण ने शुरू कर दी है. एमडीपी में प्रशासनिक भवन और सभी बुनियादी सुविधाएं पहले ही विकसित की जा चुकी हैं.
निवेशकों के लिए आकर्षण
मेडिकल डिवाइस पार्क में निवेशकों को किफायती दरों पर जमीन उपलब्ध कराई जा रही है. भूखंड का आकार बढ़ने के साथ ही दरें और कम हो जाती हैं, जिससे निवेशकों को अतिरिक्त लाभ मिलता है. इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं का भी लाभ कंपनियों को मिलेगा.
कनेक्टिविटी और विस्तार योजनाएं
सीईओ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि पार्क की सीधी कनेक्टिविटी यमुना एक्सप्रेसवे से है. साथ ही यह ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे और प्रस्तावित पलवल-खुर्जा एक्सप्रेसवे से भी जुड़ा होगा. भविष्य में नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और चोला रेलवे स्टेशन से कनेक्टिविटी मिलने पर यहां तक पहुंच और आसान हो जाएगी. इससे निवेशकों को ट्रैफिक-फ्री वातावरण और बेहतर लॉजिस्टिक सुविधाएं मिलेंगी.
आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम
यीडा का लक्ष्य मेडिकल डिवाइस पार्क को देश का प्रमुख मेडिकल हब बनाना है. यहां बनने वाले उपकरण भारत को वैश्विक बाजार में नई पहचान दिलाएंगे. इस परियोजना से न केवल स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूती मिलेगी बल्कि रोजगार और आर्थिक विकास के नए अवसर भी पैदा होंगे.