नोएडा फेस-2 में वेतन वृद्धि को लेकर प्राइवेट कंपनियों में बीते तीन दिनों से चल रहा कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन आज सोमवार को उग्र हो गया. इस दौरान गुस्साए लोगों ने अपनी मांगों को लेकर हंगामा किया और कई गाड़ियों को संपत्तियों को नुक़सान पहुंचाया, जिससे यातायात ठप हो गया. इन कंपनियों के श्रमिक अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं. 

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श्रमिकों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा वो अपना विरोध जारी रखेंगे. घटना के बाद मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है. भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को हल्के बल और आंसू गैस के गोले भी छोड़ने लगे. ग़ुस्साए श्रमिकों ने कई कंपनियों में तोड़फोड़ भी की है. आईए आपको बताते है कि इन श्रमिकों की मांगें क्या है. 

नोएडा में श्रमिकों की मांगें क्या हैं?

- नोएडा में प्रदर्शनकारी श्रमिकों की मांग है कि पड़ोसी राज्य की तरह उनका न्यूनतम वेतन 18-20 किया जाए.- कर्मचारियों ने कंपनी से बोनस दिलाए जाने की माँग की है. - जिन कारखाने ओवरटाइम कराने का भुगतान नहीं किया जा रहे हैं, वहां डबल भुगतान कराया जाए. - कर्मचारियों का आरोप है कि कुछ कारखानों में महिलाओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जाता.- आठ घंटे काम करने पर भी खाने को अच्छा खाना नहीं दिया जाता है. 

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इस विरोध को लेकर एबीपी न्यूज़ से खास बातचीत के दौरान श्रमिकों ने कहा कि वह अपनी मांग पिछले तीन दिनों से कंपनी मालिक और प्रशासन के सामने रख रहे हैं लेकिन, उनकी सुनने वाला कोई नहीं है. महंगाई लगातार बढ़ रही है मकान का किराया, गैस का खर्च और खाने का खर्च इतना हो जाता है कि जो सैलरी उन्हें मिलती है वह कम है. 

वेतन वृद्धि की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन

श्रमिकों ने आरोप लगाया कि उन्हें 11000 कुछ रुपये प्रतिमाह वेतन के तौर पर दिया जाता है जबकि सरकार का कहना है कि कम से कम ₹20000 सैलरी होनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी मालिक सरकार द्वारा कानून के तहत उनका वेतन नहीं बढ़ा रहे हैं. 

श्रमिकों ने कहा कि वो सरकार द्वारा बनाए गए नए लेबर एक्ट के तहत सड़कों पर उतरकर प्रोटेस्ट कर रहे हैं. उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती तब तक वह सड़क से हटने वाले नहीं है. आज कई इलाकों में छुटपुट घटनाएं भी हुई है. कई जगह गाड़ियों में आग लगाई गई पथराव किया गया है. 

सीएम योगी ने दिए 24 घंटे में समाधान के निर्देश

इस मामले का सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी संज्ञान लिया है. मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए श्रमिकों को सम्मानजनक मानदेय देने के निर्देश दिए और 24 घंटे के भीतर समस्याओं के समाधान को कहा है. सीएम योगी ने भड़काऊ गतिविधियों पर भी नज़र बनाए रखने का आदेश दिया है. 

इस मामले पर नोएडा डीएम मेधा रूपम ने भी संज्ञान लिया है. उन्होंने कंपनियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि कर्मचारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए. उन्हें हर महीने की दस तारीख तक वेतन दिया जाए. नियमों के तहत जो बोनस दिया जाना चाहिए वो भी दिया जाए. डीएम ने 30 नवंबर तक कर्मचारियों के खाते में बोनस देने के निर्देश दिए है. 

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