उत्तर प्रदेश के नोएडा में भारी बवाल की खबरें हैं. नोएडा के फेज-2 में सैलरी की मांग को लेकर चल रहा प्रदर्शन हिंसक झड़प में तब्दील हो गया. पुलिस और मजदूरों के बीच जमकर झड़प हुई, जिसमें कर्मचारियों ने पुलिस पर पथराव किया और तोड़फोड़ को अंजाम दिया गया. यहां आक्रोशित भीड़ को कंट्रोल करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े.

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मामला सोमवार, 13 अप्रैल की सुबह 9.30 बजे के करीब का है, जहां एक प्राइवेट कंपनी के कर्मचारी वेतन की मांग को लेकर इकट्ठा हुए थे. पुलिस से नोकझोंक के बाद सैलरी की मांग कर रहे कर्मचारियों का प्रदर्शन कंट्रोल से बाहर हो गया. भीड़ को वहां से तितर-बितर करने के लिए जब पुलिस ने लाठीचार्ज किया तो वहां हंगामा और बढ़ गया. यहां वेतन बढ़ोतरी की मांग कर रहे कर्मचारियों ने पत्थर फेंके, जिसके बाद पुलिस की ओर से आंसू गैस के गोले छोड़े गए. 

पुलिस द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक, सेक्टर-1 में 84 में श्रमिकों ने गाड़ियों में आग लगाई. पुलिस की 2 गाड़ियां पलट कर उनमें आग लगा दी गई.. हजारों श्रमिक सड़कों पर उतरे हैं. सेक्टर-62 में भी प्रदर्शन शुरू हुआ. 

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तीन दिन के बाद उग्र हुआ मजदूरों का प्रदर्शन

एबीपी न्यूज के ग्राउंड रिपोर्ट कवरेज के जरिए मिली जानकारी के मुताबिक, यहां बेहद हिंसक प्रदर्शन देखने को मिला है. ये मजदूर लगातार 3 दिन से सैलरी को लेकर बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे. लेबर एक्ट के तहत जो हाल ही में बढ़ोतरी हुई थी, उससे मजदूर नाखुश थे. तीन दिन से मजदूरों की पुलिस और प्रशासन से बातचीत चल रही थी लेकिन आज अचानक से मजदूर उग्र हुए और तोड़फोड़ शुरू कर दी. आक्रोशित भीड़ ने सड़कों और वाहनों में आग लगाई, इमारतों के कांच तोड़े और पुलिस पर पथराव भी किया. बचाव में पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. 

तीन दिन से मजदूरों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया जा रहा था, लेकिन प्रदर्शन उग्र होता चला गया. डीएम और पुलिस अधिकारी लगातार लोगों से बात कर रहे थे. उन्हें आश्वासन दिया जा रहा था कि वेतन से जुड़ी सभी समस्याएं सुलझा ली जाएंगी, लेकिन कल डीएम, पुलिस कमिश्नर और नोएडा प्राधिकरण के सीईओ ने वार्ता की थी, उसी समय मजदूरों में असहमति दिखने लगी थी.