दहेज की मांग को लेकर पति और ससुराल वालों द्वारा आग के हवाले करने की आशंका के मामले में मृतक निक्की भाटी के परिजनों ने गौतम बुद्ध नगर की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह से मुलाकात की. परिवार ने घटना के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और मामले को फास्ट-ट्रैक कोर्ट में चलाने की मांग की.

परिवार के सदस्यों ने बताया कि पुलिस कमिश्नर ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. साथ ही जल्द चार्जशीट दाखिल कर मामले को फास्ट-ट्रैक कोर्ट में भेजा जाएगा.

निक्की के पिता भिखारी सिंह ने मीडिया से कहा, "कमिश्नर ने आश्वासन दिया है कि सख्त कार्रवाई होगी और किसी को छोड़ा नहीं जाएगा." निक्की के भाई अतुल पैला ने भी बताया कि कमिश्नर ने दोहराया कि चार्जशीट जल्द दाखिल की जाएगी और केस को तेजी से निपटाया जाएगा.

क्या है पूरा मामला?

26 वर्षीय निक्की भाटी की शादी 2016 में विपिन भाटी से हुई थी, जो ग्रेटर नोएडा के कासना थाना क्षेत्र के सिरसा गांव का निवासी है. 21 अगस्त को निक्की अपने ससुराल में गंभीर रूप से जली हुई हालत में मिली थी. उसे दिल्ली अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई.

इन मामलों में विपिन पर दर्ज की गई FIR

22 अगस्त को कासना थाने में एफआईआर दर्ज की गई. इसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) (हत्या), 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) और 61(2) (आजीवन कारावास से दंडनीय अपराध करने का प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया गया.

अब तक पुलिस ने निक्की के पति विपिन भाटी, उसके माता-पिता सतवीर और दया और भाई रोहित भाटी (जो निक्की की बहन का पति है) को गिरफ्तार कर लिया है. 24 अगस्त को विपिन को पुलिस ने उस समय पैर में गोली मारकर पकड़ा, जब वह हिरासत से भागने की कोशिश कर रहा था.

महिला आयोग की दखलअंदाजी

इस बीच बुधवार को राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. मीनाक्षी भारला ने दादरी के रूपबास गांव स्थित निक्की के घर पहुंचकर परिवार से मुलाकात की. परिवार ने आयोग के सामने भी केस को फास्ट-ट्रैक कोर्ट में चलाने की मांग रखी.

निक्की भाटी की मौत ने एक बार फिर दहेज प्रथा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. परिवार अब न्याय की उम्मीद में है और प्रशासन ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है.