उत्तराखंड के नैनीताल में सोमवार को सुखताल पार्किंग में उस समय हड़कम्प मच गया, जब यहां नोएडा से पर्यटकों को लेकर आया ड्राईवर रविवार रात कार में ही अंगीठी जलाकर सो गया, और अन्दर दम घुटने से उसकी मौत हो गयी. ड्राईवर की पहचान की पहचान मथुरा के मनीष गांधार के रूप में हुई है. पुलिस ने कार का शीशा तोड़कर लॉक खोला उसके बाद शव को बाहर निकाला. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.

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सुबह जब साढ़े आठ बजे तक ड्राईवर नहीं उठा और न ही उसका कॉल लग पा रहा था तो पार्किंग कर्मियों ने पुलिस को सूचना दी. जिसपर कोतवाल हेमचन्द्र पंत फ़ोर्स एक साथ मौके पर पहुंचे और ड्राईवर को बाहर निकाला और उसे अस्पताल भिजवाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने उसके घरवालों को सूचित कर दिया है.

ठंड में बचने के लिए अंगीठी का इस्तेमाल होता है

पहाड़ों में अक्सर ऐसा देखा जाता है कि कड़कड़ाती ठंड से बचने के लिए लोग अंगीठी में लकड़ी, पत्थर या लकड़ी के कोयले डालकर आग जलाते हैं. आग के अन्त में वो उसे लेकर किसी कमरे में बन्द करके सो जाते हैं. ऐसे में आग से निकली गैस बन्द कमरे में भर जाती है और वहां सो रहे व्यक्ति की सांसें रोक देती है. इससे उस व्यक्ति की अधिकतर जान चले जाती है. कम ही मौके होते हैं जब कोई शिकार नींद से जग जाता है या उसे जगा दिया जाता है और प्राथमिक उपचार देकर उसकी जिंदगी लौट आती है. प्रशासन और पुलिस समय समय पर प्रचार प्रसार कर लोगों से ऐसी असावधानी से बचने की सलाह देते हैं.

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पुलिस ने चालकों को अलर्ट जारी किया

इस घटना के बाद पुलिस ने नए साल पर वाहनों को देखते हुए सभी चालकों को अलर्ट किया है कि वे सुरक्षित जगह सोएं. अगर कार में सो रहे हैं तो पूरी तरह शीशे बंद न करें. ताकि ऑक्सीजन का स्तर बना रहे.