उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर में आईपीएस आशुतोष मिश्रा की माँ की मौत का अब तक खुलासा नहीं हो पाया है. इस मामले को लेकर अभी तक पुलिस के हाथ खाली हैं. वहीं दूसरी तरफ कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि लूट के गहने घर में ही बरामद हो गए हैं. हालांकि आईपीएस आशुतोष मिश्रा ने इन खबरों पर नाराजगी जताई हैं और वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर जांच करने की मांग की है. 

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दरअसल 16 अगस्त को मालीपुर थाना क्षेत्र के रूढ़ा गांव में आईपीएस आशुतोष मिश्रा की माँ इंद्रा मिश्रा का शव उनके घर मे पाया गया था. उनके मुंह में तौलिया (कपड़ा) ठूंसा हुआ था, होंठों पर चोट व खून के निशान थे और शरीर पर मौजूद सभी आभूषण (सोने की चेन, तुलसी माला में सोने की गुड़िया, कुंडल, पायल, नथुनी आदि) गायब थे. इस हत्या के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था.  

हत्याकांड में अब तक पुलिस के हाथ खाली

आईपीएस आशुतोष मिश्रा की तहरीर पर मालीपुर थाने हत्या और लूट का मुकदमा दर्ज किया गया और पोस्टमार्टम कराया गया. जिसमें मौत का कारण स्पष्ट नही हो सका और आगे की जांच के बिसरा सुरक्षित कर लिया गया है और हृदय को हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच के लिए भेजा गया हैं. इस हत्या को लेकर अभी तक पुलिस के हाथ खाली हैं. 

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मीडिया रिपोर्ट्स के दावे पर नाराजगी

वहीं दूसरी तरफ कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में हत्या के खुलासे का दावा किया जा रहा हैं. दावा है कि जेवर घर से ही मिल गए और आईपीएस अधिकारी की हत्या व लूट वाली कहानी झूठी निकली है. इन खबरों पर आईपीएस आशुतोष मिश्र ने कड़ी आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा ऐसी खबरों का खंडन पुलिस प्रशासन को करना चाहिए था लेकिन उनके ऐसा न करने के कारण ये मुझे करना पड़ रहा है. 

आईपीएस अधिकारी ने कहा कि अगर हमारे घर से जेवर बरामद हो गए होते, तो क्या हम पुलिस को नहीं सौंपते? क्या मालीपुर पुलिस आकर उसे कानूनी रूप से जब्त नहीं करती? बिना किसी आधिकारिक पुलिस पुष्टि के यह अफवाह फैलाई गई कि घटना झूठी है और जेवर मिल गए हैं. उन्होंने कहा कि इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना और भ्रामक खबरों से उनका पूरा परिवार और रिश्तेदार गहरे मानसिक आघात में हैं. 

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मामले की वैज्ञानिक जांच की मांग

​आईपीएस अधिकारी ने अपील करते हुए कहा कि इस मामले में दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए. जांच में कोई जल्दबाजी न की जाए. चाहे एक महीना लगे या 2 महीने, वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर सच्चाई सामने लाई जाए. किसी ​निर्दोष को प्रताड़ित न किया जाए और न ही जबरन प्रताड़ित किया जाए. 

पुलिस ने भी मीडिया रिपोर्ट्स के दावे को खारिज किया है. पुलिस ने लूट और हत्या की धाराओं में मामला दर्ज किया है. प्रारंभिक पोस्टमॉर्टम में मौत का कारण स्पष्ट न होने के चलते डॉक्टरों के पैनल द्वारा विसरा और हृदय के नमूनों को फॉरेंसिक (FSL) व हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच के लिए सुरक्षित रख लिया गया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की अंतिम वजह पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी. कई लोगों से पूछताछ की जा रही है. 

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