उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में समाजवादी पार्टी सांसद रुचि वीरा और पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन के बीच शादी के निमंत्रण को लेकर जारी तल्खी कम होती नजर नहीं आ रही. अब डॉ. एसटी हसन ने रुचि वीरा के बयान पर कहा कि हमने तो कार्ड भेजा था, अगर कहीं मिसप्लेस हुआ है तो कहा नहीं जा सकता, वो मेरी बहन की तरह हैं.
डॉ. हसन ने कहा, “मैंने तो शादी में सपा, बीजेपी, कांग्रेस और बसपा सहित सभी पार्टियों के नेताओं को बुलाया था. रुचि वीरा तो हमारी पार्टी की सांसद हैं और मेरे लिए तो वह मेरी छोटी बहन के जैसी हैं. उन्हें कार्ड मिला या नहीं मिला आखिर क्या वजह रही? जो वह नहीं आईं. मेरा तो घर उनके लिए हर वक्त खुला है. वह इसे अपना ही घर समझें. हमारे बीच में ऐसी कोई बात नहीं है कि हम एक दूसरे को नीचा दिखाने की कोशिश करें.”
PM मोदी और अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी पर जताई आपत्ति
डॉ एस टी हसन ने JNU में गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ हुई आपत्तिजनक नारेबाज़ी पर कहा, “इस तरह की नारेबाजी बहुत गलत बात है. प्रधानमंत्री और गृह मंत्री हमारे प्यारे देश के संवैधानिक पदों पर बैठे हैं. वह हम सब के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री हैं. उनके खिलाफ नारेबाजी देश के खिलाफ नारेबाजी है.
हमारे उनसे मदभेद हो सकते हैं, लेकिन अगर कोई इस तरह उनको बेइज्जत करेगा और ऐसी बात करेगा तो हम समझते हैं की वह हिदुस्तान की शान में गुश्ताखी कर रहा है. ऐसा हरगिज़ नहीं होना चाहिए और ऐसे लोगो पर कार्यवाही होनी चाहिए.”
SIR में मुस्लिमों के वोट काटने के आरोप
उत्तर प्रदेश में हुई SIR के आंकड़ों पर डॉ एसटी हसन ने कहा, “हमें इसकी उम्मीद थी की प्रदेश में लगभग पौने तीन करोड़ वोट काटे जायेंगे और ऐसा ही हुआ है. हमें लगता है इसमें PDA विपक्ष और मुसलमानों के वोट सबसे अधिक कटे होंगे.” उन्होंने आरोप लगाया की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वोट काटने को लेकर पहले ही जो बयान दिया था, उससे उन्होंने एक तीर से दो निशाने किए थे.
एक तो अपने लोगों को अलर्ट कर दिया था और दूसरा विपक्ष के लोगों को भ्रम में डाल दिया था. उन्होंने कहा, “जब फ़ाइनल रिपोर्ट सामने आ जाएगी, तब सही बता पता चलेगी. वैसे इतने वोट कटने नहीं चाहिए थे जितने कटे हैं.”
संभल में बुलडोजर कार्रवाई पर सवाल
संभल में हो रही बुलडोज़र कार्यवाई और बिजली चैकिंग पर उन्होंने कहा, “हम बिजली चोरी को सही नहीं मानते ये एक अपराध है, लेकिन अगर बुलडोज़र एक ख़ास समुदाय के लोगो के घरों और धार्मिक स्थलों पर चल रहे हैं और बिजली चैकिंग भी एक ख़ास समुदाय के यहाँ ही हो रही है तो ये गलत है. हमें इस पर आपत्ति है अगर चैकिंग करनी है और अतिक्रमण पर कार्यवाही करनी है तो हिन्दू मुसलमान सभी पर करें. लेकिन एक ख़ास समुदाय पर जो कार्यवाही हो रही है ये गलत है. इससे ये संभल का माहौल खराब कर वहां वोटो का धुर्विकरण करना चाहते हैं और 2027 में इसे मिसाल बनाना चाहते हैं जो लोकतंत्र के लिए बहुत खतरनाक है.”