मुरादाबाद के एक मदरसे में पढ़ने वाली 7वीं क्लास की छात्रा के परिजनों ने मदरसा प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाये हैं. छात्रा के परिजनों मुताबिक, जब वे अपनी बच्ची को मदरसे छोड़ने गए तो प्रबंधन ने उनसे बच्ची का वर्जिनिटी सर्टिफिकेट (मेडिकल टेस्ट) की मांग की. वर्जिनिटी सर्टिफिकेट के बाद ही मदरसे में एंट्री देने और अगली क्लास में एंट्री देने की बात कही. यह भी आरोप लगाया कि परिजनों को मदरसा परिसर से बाहर निकालते हुए उनके साथ अभद्रता की गई.

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आपको बता दें कि पीड़ित बच्ची चंडीगढ की रहने वाली है. वहीं इस घटना के बाद से बच्ची और उसके परिजन बेहद आहत है. पीड़ित परिजनों ने मदरसा मैनेजमेंट के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर एसएसपी मुरादाबाद के सामने पेश होकर एक तहरीर सौंपी है.

मदरसा प्रबंधन ने बेटी का किया चरित्र हनन

दरअसल, यह मामला थाना पाकबड़ा क्षेत्र स्थित जामिया असानुल बनात गर्ल कॉलेज (मदरसा) से सामने आया है. चंडीगढ़ निवासी मोहम्मद यूसुफ ने एसएसपी मुरादाबाद के सामने पेश होकर एक ऐसी शिकायत की जो बेहद गम्भीर है. पीड़ित ने अपने शिकायती पत्र में लिखा है कि मदरसा मैनेजमेंट ने उसका और उसकी बेटी का चरित्र हनन किया है.

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मदरसा ने की वर्जिनिटी सर्टिफिकेट लाने की मांग

पीड़ित के मुताबिक, मदरसा प्रबंधन ने 8वीं क्लास में एडमिशन इस शर्त पर देने की बात कही की पहले वो अपनी 13 साल की बच्ची का (मेडिकल टेस्ट-वर्जिनिटी टेस्ट) कराये उसी के बाद उसे अगली क्लास में दाखिला दिया जाएगा. अन्यथा छात्रा की टीसी निकलवा लें. पीड़ित परिजनों ने जो टीसी फॉर्मेट पुलिस को सौंपा है उस पर साफ तौर से मेडिकल टेस्ट कराने की बात लिखी गई है.

वहीं एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि परिजनों ने इस तरह की शिकायत की है. पूरे मामले की गम्भीरता से जांच की जा रही है, मामले में वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.

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