Ghaziabad News: गाजियाबाद में थाना अंकुर विहार में तैनात एक दरोगा को एंटी करप्शन टीम ने गिरफ्तार किया है. एक कैब चालक की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है. कैब चालक का आरोप है की एक मुकदमे में जेल न भेजने के नाम पर दरोगा ने कई बार उससे पैसे लिए. एक बार तो उसने अपनी मोटरसाइकिल गिरवी रखकर पैसे दिए. लेकिन दरोगा की पैसे की भूख बढ़ती जा रही थी जिसके बाद उसने शिकायत की.
गाजियाबाद कॉलोनी बॉर्डर क्षेत्र के बेहटा निवासी कार चालक कृपाल सिंह ने बताया कि उसने 2020 में एक प्लॉट एक महिला को बेचा था. महिला उस प्लॉट में मकान बना कर रह रही है. मार्च 2024 में महिला ने उसके खिलाफ कोर्ट के जरिए मुकदमा दर्ज कर दिया. जिसकी जांच थाना अंकुर विहार में तैनात दरोगा मुन्ना लाख सागर को मिली. कृपाल का आरोप है की मुन्नालाल सागर ने उस को जेल भेजने की धमकी दी और कई मौके पर उसने पैसे वसूले. एक बार तो उसने अपनी मोटरसाइकिल गिरवी रखकर दरोगा को पैसे दिए.
दरोगा मुन्नालाल रिश्वत लेते मेरठ एंटी करप्शन टीम ने किया गिरफ्तारकृपाल के मुताबिक झूठे मुकदमे में उसे लगातार जेल भेजने की धमकी दी जा रही थी. जिससे वह डरा हुआ था. उसने कई किस्तों में दरोगा को पैसे दिए लेकिन जब दरोगा कि पैसे की डिमांड बढ़ती गई तो उसने मेरठ एंटी करप्शन टीम को इसकी सूचना दी. मेरठ एंटी करप्शन के इंस्पेक्टर योगेंद्र कुमार के नेतृत्व में 15 लोगों की टीम गाजियाबाद पहुंची और कृपाल सिंह ने जब 20000 रुपए दरोगा मुन्नालाल सागर को दिए तब दरोगा को धर दबोचा.
भ्रष्टाचार का ये मामला कोई नया नहीं है. कई बार ऐसी ही खबरे सामने आती है, जहां प्रशासन से जुड़े लोग अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल करते हैं. हालांकि कृपाल सिंह की होशियारी के कारण मुन्नालाल सागर दरोगा जैसे भ्रष्टा अधिकारियों पर कार्रवाई की जा रही है. वहीं इस मामले में जांच चल रही है.
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