उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद में साड़ी चोरी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पुलिस महकमे को भी चौंका दिया. साड़ी चोरी कर उसे औने-पौने दामों पर बेचने और उसी पैसों से आलीशान जिंदगी जीने वाले पिता–पुत्र को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है. आरोप है कि दोनों ने करीब 4 करोड़ रुपये की कीमती साड़ियों की चोरी कर उन्हें बाजार में खपाया और विदेशों तक घूम-घूमकर मौज-मस्ती की.
मामले की जांच के दौरान जब पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस तेज किया तो आरोपियों की लोकेशन कभी बिहार तो कभी विदेश, यहां तक कि रूस तक मिलने लगी. यह पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं था. आधुनिक तकनीकों की मदद से पुलिस ने मास्टरमाइंड पिता–पुत्र को बिहार के सिवान से गिरफ्तार कर मऊ ले आई. गिरफ्तार आरोपी हारिस नसीम और उसके पिता नसीम अहमद थाना कोतवाली क्षेत्र के कासिमपुर मोहल्ले के निवासी हैं. पुलिस के अनुसार, चोरी की रकम से दोनों ने दो आलीशान मकान बनवाए और विदेशों की सैर की.
क्या है पूरा मामला ?
पीड़ित शिकायतकर्ता अफजाल पुत्र स्वर्गीय हाजी मोहम्मद इशहाक, निवासी न्याज़ मोहम्मदपुरा, थाना कोतवाली नगर, मऊ की कोतवाली क्षेत्र में ‘अफजाल साड़ी सेंटर’ के नाम से दुकान है. अभियुक्त हारिस नसीम पिछले कई वर्षों से दुकान पर सेल्समैन व डिस्पैचिंग मैनेजर के रूप में कार्यरत था और उस पर पूरा भरोसा किया जाता था. उसी भरोसे का फायदा उठाकर वह लंबे समय से कीमती साड़ियां चोरी-छिपे निकालकर अपने ठिकानों पर जमा करता और फिर उन्हें सस्ते दामों में बेच देता था.
आधा दर्जन अब तक गिरफ्तार
जब इस हेराफेरी का खुलासा हुआ तो पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस की कार्रवाई में अब तक इस साड़ी चोरी कांड में करीब आधा दर्जन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि आगे की जांच जारी है. पुलिस के मुताबिक ये बेहद शातिर तरीके से काम कर रहे थे, जिस कारण इतने लंबे समय से इस गोरखधंधे में संलिप्त थे. अभी इनके साथ और कौन-कौन लोग हैं उसकी जांच की जा रही है.