उत्तर प्रदेश के बरेली में नए साल के मौके पर कथित तौर पर पुलिसकर्मियों पर हमला करने को लेकर एक होटल के प्रबंधक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. यह जानकारी शुक्रवार को पुलिस अधिकारयों ने दी. जिसमें बताया गया कि ये पुलिसकर्मी नए साल की पूर्व संध्या पर तय समय के बाद अनधिकृत रूप से बज रहे ‘डीजे’ बंद कराने होटल गए थे.

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बारादरी के थाना प्रभारी धनंजय कुमार पांडे ने शुक्रवार को बताया कि होटल प्रबंध समेत तीन नामजद व्यक्तियों और तीन-चार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने इस मामले में मसी आलम (होटल प्रबंधक), लखीमपुर खीरी जिले पवनेश कुमार (होटल के लेखाधिकारी) और बरेली के सिविल लाइंस के राघव कपूर को गिरफ्तार किया.

क्या है पूरा मामला ?

जानकारी के अनुसार 31 दिसंबर की रात सोबती कॉन्टिनेंटल होटल में नए साल के जश्न कार्यक्रम में लोगों ने रात 12.00 बजे उत्साहपूर्वक नए साल का स्वागत किया. पूरे कार्यक्रम का प्रबंधन होटल प्रबंधक (मसी आलम) और मालिक के रिश्तेदार राघव कपूर की देखरेख में किया जा रहा था.

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थाना प्रभारी के मुताबिक रात एक बजे के बाद भी होटल में शराब परोसी जा रही थी और ‘डीजे’ पर बहुत तेज आवाज में संगीत बजाया जा रहा था, जबकि अन्य होटलों/लॉन में तय समय के बाद जश्न खत्म हो गया था. सूचना मिलने पर रोहिलखंड चौकी प्रभारी तुरंत होटल गए और डीजे बंद करवा दिया.

थाना प्रभारी का कहना है कि लगभग 2.40 बजे फिर से सूचना मिली कि होटल में शराब परोसी जा रही है और ‘डीजे’ पर बहुत तेज आवाज में संगीत बज रहा है. यह जानकारी मिलने पर, रुहेलखंड पुलिस चौकी से उपनिरीक्षक सौरभ तोमर और मुख्य आरक्षी साबिर अली को मौके पर भेजा गय.

डीजे बंद कराने पर मारपीट

पुलिस के अनुसार जब पुलिस ने ‘डीजे’ बंद करने की कोशिश की, तो होटल प्रबंधक, लेखाधिकारी, कार्यक्रम आयोजक और मालिक के रिश्तेदार राघव कपूर, मालिक का बेटा, और वहां मौजूद चार-पांच अन्य लोग बहुत ज़्यादा नाराज हो गए.

पुलिस के अनुसार उन्होंने पुलिस अधिकारियों को गालियां दीं, उन्हें उनकी सरकारी ड्यूटी करने से रोका और उन्हें गंभीर चोट पहुंचाने की कोशिश की, यहां तक कि उन्हें जान से मारने की भी कोशिश की.

जानकारी मिलने पर, थाने से काफी पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रण में किया. उस समय, सभी आरोपी नशे की हालत में थे. पुलिस के आने पर, वे सभी मौके से भाग गए. घायल पुलिसकर्मियों का मेडिकल चेकअप कराया गया और राघव कपूर और दो अन्य नामजद व्यक्तियों (पवनेश कुमार और राघव कपूर) के साथ-साथ तीन-चार अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया.

घटना की गंभीरता को देखते हुए, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य के निर्देश पर, आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए तुरंत कोशिशें की गईं. जांच के बाद घटना में शामिल तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और विधिक कार्यवाही के तहत उन्हें जेल भेज दिया गया है.