उत्तर प्रदेश के महोबा में जिला अस्पताल में बारिश ने प्रशासनिक दावों की पोल खोलकर रख दी है. पिछले 9 दिनों से अस्पताल के सीटी स्कैन कक्ष में जलभराव के कारण मशीन ठप पड़ी है. दूर-दराज से आ रहे लाचार मरीज और उनके तिमारदार दर-दर भटकने को मजबूर हैं, लेकिन जिम्मेदार हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं. लगातार हो रही बारिश की वजह से अस्पताल के सीटी स्कैन कक्ष में पानी भर गया है. दूर-दराज के गांवों से इलाज की उम्मीद लेकर पहुंच रहे मरीजों को भारी निराशा का सामना करना पड़ रहा है. बीते 26 अगस्त से सीटी स्कैन मशीन पूरी तरह बंद है, जिससे मरीजों को बिना जांच कराए ही वापस लौटना पड़ रहा है. कक्ष में भरे पानी को निकालने के लिए निचले स्वास्थ्य कर्मी दिन-रात वाईपर और मोटर पंप के सहारे मशक्कत कर रहे हैं, लेकिन समस्या का कोई स्थायी हल नहीं निकल पा रहा.

Continues below advertisement

यह भी पढ़ें: वाराणसी में बाढ़ का संकट गहराया, 3800 से ज्यादा विस्थापित

मरीजों को हो रही भारी परेशानी 

रतौली गांव से आए मजदूर धनीराम अपने घायल बच्चे के सीटी स्कैन के लिए भटक रहे हैं, तो वहीं मरीज महरून निशा भी अस्पताल के चक्कर काटने को मजबूर हैं. आपातकालीन स्थिति में गंभीर मरीजों को मजबूरी में बांदा या झांसी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है. इन लोगों ने बताया कि कोई सुनवाई नहीं हो रही, हम लोग गरीब हैं किराया-भाड़े में पैसे खर्च हो जा रहे यहां जांच भी नहीं हो रही है.

Continues below advertisement

मशीन जल्द शुरू करने का दावा 

अस्पताल के सीटी स्कैन कक्ष में तैनात कर्मचारियों का कहना है कि जलभराव की शिकायत सीएमएस से की गई है. फिलहाल मरीजों के पर्चे जमा कर मशीन चालू होने पर बुलाने का आश्वासन दिया जा रहा है. जिला अस्पताल के सीएमएस डॉक्टर सुरेश का तर्क है कि सीटी स्कैन कक्ष पुरानी और गहराई वाली बिल्डिंग में बना है. फर्श के नीचे से आ रहे पानी के कारण करंट फैलने का खतरा है, इसलिए सुरक्षा के लिहाज से मशीन को सुखाए बिना चालू नहीं किया जा सकता. 

हैरानी की बात यह है कि यह समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि हर साल बारिश के मौसम में यही मंजर देखने को मिलता है. इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए. जब समाधान को लेकर सवाल पूछा गया, तो अधिकारी लाचारी जताते नजर आए. बहरहाल, अब देखना यह होगा कि इस मुसीबत से मरीजों को कब तक निजात मिलती है या वे यूं ही रामभरोसे रहेंगे.

यह भी पढ़ें: श्रावस्ती में बारिश से बिगड़े हालात, जान जोखिम में डाल गुजर रहे बच्चे