उत्तर प्रदेश के महोबा में पुलिस लाइन मैदान में रविवार को  उत्साह और गौरव का नजारा देखने को मिला, जहां 246 रिक्रूट आरक्षियों की दीक्षांत परेड संपन्न हुई. मुख्य अतिथि डीएम गजल भारद्वाज ने परेड की सलामी ली, जबकि एसपी शशांक सिंह ने जवानों को कर्तव्यनिष्ठा की शपथ दिलाई. 9 महीने की कठिन ट्रेनिंग के बाद अब ये जवान यूपी पुलिस का हिस्सा बनकर कानून-व्यवस्था को मजबूती देंगे.

Continues below advertisement

9 महीनों के कड़े प्रशिक्षण और अनुशासन की भट्ठी में तपकर निकले इन जवानों ने जब मैदान पर कदमताल की, तो उनकी क्षमता और ट्रेनिंग की चमक साफ दिखाई दी. अब सभी अपने आवंटित जिले में ज्वाइन करेंगे.

यह भी पढ़ें: रवि किशन ने पश्चिम बंगाल चुनाव पर कहा- यहां एक अलग बांग्लादेश बन रहा है

Continues below advertisement

डीएम ने पढाया कानून पालन कराने का पाठ

डीएम ने अपने संबोधन में इन जवानों को सेंसिटिव पुलिसिंग यानी संवेदनशील पुलिसिंग और अपराध नियंत्रण के लिए प्रेरित किया. उन्होंने कहा कि कठिन परीक्षा और ट्रेनिंग के बाद आए ये जवान जिले की सुरक्षा व्यवस्था में नई जान फूकेंगे.

AI से भी लैस किया गया इन रिक्रूट्स को

खास बात यह है कि इन रिक्रूट्स को न केवल शारीरिक रूप से मजबूत बनाया गया है, बल्कि इन्हें बदलती तकनीक के दौर में एआई (AI) और साइबर क्राइम जैसी विशेष ट्रेनिंग भी दी गई है. मुख्यमंत्री के संदेश को भी इस दौरान सुनाया गया, जिसमें पुलिस को जनता के प्रति नरम और अपराधियों के प्रति सख्त रहने की हिदायत दी गई है.

परेड में अपनों की आंखें नाम हुईं

परेड खत्म होते ही मैदान भावुक दृश्यों का गवाह बना. वर्दी में सजे अपने लाडलों को देखकर कई माताओं की आँखें खुशी से छलक उठीं. किसी जवान ने अपनी सफलता का श्रेय देते हुए अपनी कैप पिता को पहनाई, तो कोई अपनी राइफल मां के हाथों में थमाकर उनका आशीर्वाद लेता नजर आया. बहनों और बच्चों के साथ फोटो खिंचवाने की होड़ मची रही. प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जवानों को सम्मानित भी किया गया. अब ये सभी 246 जवान अलग-अलग थानों में तैनात होकर महोबा की कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करेंगे.

यह भी पढ़ें: Uttarakhand News: सीएम धामी ने सुनी जनता की पीड़ा, कई मामलों का किया निपटारा, अधिकारियों को दिए निर्देश