संगम की धरती पर 3 जनवरी 2026 से माघ मेले की शुरुआत होने जा रही है. महाकुंभ 2025 के बाद आयोजित होने जा रहे माघ मेले को योगी सरकार मिनी कुंभ के तौर पर पेश कर रही है. महाकुंभ में जहां 66 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में आस्था के डुबकी लगाई थी.

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वहीं राज्य सरकार का अनुमान है कि माघ मेले के दौरान 12 से 15 करोड़ श्रद्धालु आ सकते हैं. श्रद्धालुओं के माघ मेले में आने के बाद उनके स्नान और सकुशल सुरक्षित वापसी के लिए योगी सरकार खास प्रबंध कर रही है.

श्रद्धालुओं के लिए बनाया जा रहा 8 किलोमीटर लंबा स्नान घाट

माघ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 8 किलोमीटर लंबा स्नान घाट बनाया जा रहा है. गंगा और यमुना दोनों नदियों के तट पर अस्थाई घाट बनाए जा रहे हैं. अस्थाई घाट बनाने के लिए सीमेंट की बोरियों में रेत भरकर अस्थाई घाट का निर्माण किया जा रहा है. ताकि स्नान घाटों पर फिसलन की वजह से किसी तरह का कोई हादसा न हो. इसके अलावा स्नान घाटों के आगे डीप वॉटर बैरिकेटिंग भी लगाई जा रही है. ताकि श्रद्धालुओं के गहरे पानी की ओर जाने से किसी तरह का हादसा न हो.

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घाट बनने से संगम नोज पर श्रद्धालुओं का दबाव होगा कम

मेला प्रशासन का दावा है कि मेला शुरू होने से पहले 8 किलोमीटर लंबा घाट बना लिया जाएगा. जिससे संगम नोज पर भी श्रद्धालुओं का दबाव कम होगा. मेला प्रशासन की रणनीति है कि प्रमुख स्थान पर्वों के दिन श्रद्धालुओं की भीड़ को विभिन्न स्नान घाटों पर डायवर्ट किया जाएगा. ताकि संगम नोज या किसी एक जगह ज्यादा भीड़ न हो और कोई हादसा न हो.

पौष पूर्णिमा का पड़ेगा पहला स्नान पर्व

गौरतलब है कि संगम की धरती पर 3 जनवरी 2026 से माघ मेले की शुरुआत होने जा रही है. 3 जनवरी को पौष पूर्णिमा का पहला स्नान पर्व पड़ेगा. जबकि 15 जनवरी को मकर संक्रांति, 18 जनवरी को मौनी अमावस्या, 23 जनवरी को बसंत पंचमी और 1 फरवरी को माघी पूर्णिमा का स्नान पर्व होगा. जबकि 15 फरवरी महाशिवरात्रि के छठें और आखिरी स्नान पर्व के साथ माघ मेले का समापन हो जाएगा. संगम की रेती पर कुल 44 दिनों तक धर्म और अध्यात्म की बयार बहेगी.

मेले की सुरक्षा में तैनात की जा रही 10 हजार पुलिस फोर्स

जानकारी के अनुसार, इस बार योगी सरकार 800 हेक्टेयर और 7 सेक्टर में माघ मेले को आयोजित कर रही है. माघ मेले की सुरक्षा में लगभग 10 हजार पुलिस फोर्स की तैनाती की जा रही है. मेले में 17 थाने, 42 पुलिस चौकियां और 17 फायर स्टेशन भी बनाए जा रहे हैं. इसके साथ ही एआई युक्त सीसीटीवी और ड्रोन कैमरे से भी मेले की हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी.

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