MP News: मध्य प्रदेश में कोरोना की तीसरी लहर के मद्देनजर हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब तलब किया है. जबलपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए प्रदेश में क्या तैयारयां हैं. चीफ जस्टिस आर वी मलिमथ की डिवीजन बैंच ने राज्य सरकार से उसकी तैयारियों का ब्यौरा मांगा है. इसके लिए सरकार को दो हफ्तों का समय दिया गया है जिसके बाद मामले पर अगली सुनवाई की जाएगी.

दो हफ्तों के बाद होगी सुनवाईकोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीज़न सिलेंडर,आईसीयू बैड्स और रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी सहित इलाज की दरों को लेकर निजी अस्पतालों की मनमानी पर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया था. मामला हाईकोर्ट में लंबित है, इसी बीच प्रदेश में कोरोना की तीसरी लहर ने दस्तक दे दी है. कोर्ट में एडवोकेट नमन नागरथ ने बताया कि मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि फिलहाल कोरोना की तीसरी लहर विकराल नहीं है. लेकिन सरकार को बताना होगा कि उसने समय रहते क्या क्या इंतजाम किए हैं? हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कोरोना की तीसरी लहर के निपटने की तैयारियों के बारे में विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के आदेश भी दिए हैं. मामले पर अगली सुनवाई दो हफ्तों के बाद की जाएगी.

कोर्ट ने लगाई फटकारगौरतलब है कि कोरोना की पिछली लहर के दौरान निजी अस्पतालों ने जमकर मनमानी की थी. कोरोना संक्रमण से परेशान लोगों को लाखों का बिल थमाया जा रहा था. RT-PCR और CT-SCAN में बजी जमकर लूट की गई थी. जिसके बाद हाई कोर्ट ने सख्ती दिखाई और सरकार ने सभी सुविधाओं के वाजिब दाम तय किया था. सरकार के ढीले ढाले रवैये के कारण उसे भी जमकर लताड़ लगी थी.

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