Lucknow News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार अनुसूचित जाति (एससी) के छात्रों के शैक्षिक सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है. समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रदेशभर में संचालित 264 निःशुल्क छात्रावास एससी वर्ग के बालक-बालिकाओं को बेहतर शिक्षा और जीवन की ओर अग्रसर कर रहे हैं. इनमें 188 छात्रावास बालकों के लिए और 76 बालिकाओं के लिए आरक्षित हैं.
वर्ष 2024-25 में इन छात्रावासों के संचालन और रखरखाव पर राज्य सरकार ने 41.42 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. पिछले वर्ष इन छात्रावासों से 8,649 छात्र-छात्राएं लाभान्वित हुए थे. ये छात्रावास केवल आवासीय सुविधा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यहां निःशुल्क भोजन, अध्ययन सामग्री, कैरियर काउंसलिंग और प्रेरणादायक सत्रों की व्यवस्था भी की जाती है.
सीएम ने शिक्षा को बताया सामाजिक समानता का अधिकारमुख्यमंत्री योगी ने हमेशा शिक्षा को सामाजिक समानता का आधार बताया है. उनकी पहल पर न केवल छात्रावासों की संख्या बढ़ी है, बल्कि उनकी गुणवत्ता और पारदर्शिता भी सुनिश्चित की गई है. शासन के आठ वर्षों में एससी वर्ग के प्री मैट्रिक कक्षा के 32.49 लाख छात्रों को 708 करोड़ और दशमोत्तर के 89.31 लाख छात्रों को 9,662 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी गई है. योगी सरकार की योजनाएं छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर सुविधाएं प्रदान कर रही हैं.
प्रदेश में संचालित 120 जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय भी एससी छात्रों को गुणवत्ता शिक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. समाज कल्याण विभाग ने यह सुनिश्चित किया है कि छात्रावासों में स्वच्छता, सुरक्षा और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि छात्र बिना किसी अवरोध के अपने भविष्य का निर्माण कर सकें. छात्रों का मानना है कि ये सुविधाएं उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसी हैं, जो न केवल उनकी शिक्षा बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में भी मील का पत्थर साबित हो रही हैं.
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