भारत में नीला ड्रम आमतौर पर पानी भरने या अनाज, तेल और अन्य सामान को बड़ी मात्रा में सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. मजबूत प्लास्टिक से बना यह ड्रम घरों, दुकानों और फैक्ट्रियों की रोजमर्रा की जरूरतों का हिस्सा रहा है. लेकिन हाल की कुछ दिल दहला देने वाली घटनाओं ने ‘नीला ड्रम’ शब्द का अर्थ ही बदल दिया है.

अब 'नीला ड्रम' शब्द सुनते ही लोगों के मन में वारदात, खौफ और सनसनी की तस्वीर उभरने लगती है. जिन ड्रमों में कभी पानी या अनाज रखा जाता था, वही ड्रम अब कुछ आपराधिक घटनाओं के कारण रहस्य और डर का प्रतीक बन गए हैं. हाल ही में लखनऊ से नीले ड्रम में एक पैथोलॉजी के मालिक का शव मिलने का मामला सामने आया है. जांच में पाया गया कि थाने में अपने पिता के लापता होने की खबर लिखवाने वाला बेटा ही हत्यारा है.

पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि बेटे ने ही अपने पिता को 20 फरवरी की सुबह गोली मार कर हत्या कर दी और शव के टुकड़े कर उसे छिपाने के मकसद से नीले ड्रम का इस्तेमाल किया था. यह पहली बार नहीं है जब नीले ड्रम को अपने काले कारनामों पर पर्दा डालने के लिए इस्तेमाल किया गया हो. इससे पहले भी कई ऐसे सनसनीखेज मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें भरोसे, रिश्तों और इंसानियत को बेरहमी से तार-तार कर दिया गया.

मार्च 2025- मेरठ नीला ड्रम कांड- मर्चेंट नेवी ऑफिसर सौरभ राजपूत की हत्या

मर्चेंट नेवी में काम करने वाले मेरठ के सौरभ राजपूत जब लंदन से अपने घर लौटे तो उनकी पत्नी मुस्कान पहले से ही उनके खिलाफ एक घातक साजिश रच चुकी थी. मुस्कान और उसके नए-नवेले प्रेमी साहिल ने न केवल सौरभ की हत्या की, बल्कि उसके शव को छिपाने के लिए एक खौफनाक साजिश रची. इस हत्याकांड का खुलासा तब हुआ जब मुस्कान की मां ने पुलिस को पूरी कहानी बताई.

जनवरी 2026- झांसी

एक 64 वर्षीय व्यक्ति ने अपनी 32 वर्षीय प्रेमिका की हत्या की और शव को नीले बक्से में रखकर लकड़ियों से जला दिया. सब कुछ उसकी प्लानिंग के मुताबिक हुआ, लेकिन जब वह बक्से की राख और हड्डियों को ठिकाने लगा रहा था तो पकड़ा गया.

अगस्त 2025- अलवर

अलवर जिले के खैरथल-तिजारा इलाके स्थित आदर्श कॉलोनी में नीले ड्रम में युवक का शव मिलने की सनसनीखेज घटना हुई. मृतक हंसराज हाल ही में किराए के मकान में मजदूरी के लिए परिवार समेत आए थे. यह शव कई दिनों पुराना था, जिस पर नमक डालकर तेजी से गलाने का प्रयास किया गया था, और गला रेतकर हत्या की गई थी.

जून 2025- लुधियाना

मृतक की पहचान लुधियाना की भारती कॉलोनी, गली नंबर 5 के रहने वाले मनोज उर्फ राजू के रूप में हुई है. उसका शव नीले रंग के ड्रम में मिला था, जिसे एक खाली प्लॉट में फेंका गया था.