लखनऊ के केजीएमयू में दुष्कर्म, गर्भपात व धर्मांतरण मामले में फरार चल रहे 50 हजार के इनामी केजीएमयू के जूनियर डॉक्टर रमीज मलिक को चौक पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने 50 हजार के इनामी केजीएमयू के जूनियर डॉक्टर रमीज मलिक को लखनऊ से गिरफ्तार किया है. कार्रवाई के संबंध में डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 23 दिसंबर 2025 को केजीएमयू की मेडिकल की छात्रा ने थाना चौक में एक प्रार्थना पत्र दिया था. पुलिस अधिकारी के मुताबिक, छात्रा ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि उसके सीनियर डॉक्टर रमीज मलिक ने उसका शारीरिक शोषण किया. जब छात्रा ने शादी की बात कही तो रमीज मलिक ने धर्मांतरण का दबाव डाला.
छात्रा ने आरोपी पर लगाया था यह आरोप
पुलिस अधिकारी ने आगे कहा है कि, छात्रा की इस सूचना पर तत्काल अपराध पंजीकृत किया गया, थाना चौक इंस्पेक्टर के द्वारा मामले की जांच पड़ताल शुरू की गई. पुलिस की जांच के दौरान एक छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि रमीज मलिक ने उसके साथ भी यही दुष्कृत्य किया, उसका गर्भपात कराया, साथ ही जबरन धर्म परिवर्तन कराकर उससे निकाह किया.
पुलिस ने आरोपी के माता-पिता को किया गिरफ्तार
उन्होंने कहा कि, पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि, इसमें रमीज मलिक के माता-पिता दोनों शामिल हैं. पुलिस की कार्रवाई में रमीज मलिक के माता-पिता का नाम शामिल किया गया और उनकी गिरफ्तारी की गई. उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपी रमीज मलिक जो कि पीलीभीत का रहने वाला है वह फरार चल रहा था. रमीज मलिक पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था.
न्यायालय में हाजिर होने की फिराक में था आरोपी
डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने यह भी बताया है कि आज 9 जनवरी 2026 को मुखबिर की सूचना और सर्विलांस के माध्यम से पता चला की आरोपी अपने बंद पड़े किराए कमरे में समान निकालने आया है. साथ ही न्यायालय में हाजिर होने की फिराक में है. इसी सूचना पर थाना चौक और डीसीपी पश्चिम की सर्विलांस टीम ने गिरफ्तार किया और उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया.
क्या है मामला
दरअसल, लखनऊ के केजीएमयू में एक महिला रेजीडेंट डॉक्टर ने दिसंबर 2025 में आरोप लगाया था कि एक रेजीडेंट डॉक्टर ने उसपर धर्मांतरण का दबाव बनाया. महिला रेज़ीडेंट पश्चिम बंगाल की रहने वाली है और केजीएमयू से ही एमडी कर रही है. पीड़िता के पिता ने सीएम पोर्टल और महिला आयोग में इसकी शिकायत की थी.