लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर लगातार बारिश के चलते सड़क धंसने की घटनाओं के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बड़ा फैसला लिया है. NHAI ने साफ किया है कि जब तक एक्सप्रेसवे पूरी तरह सुरक्षित और दुरुस्त नहीं हो जाता, तब तक इस मार्ग पर टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा. इसकी जानकारी NHAI अधिकारियों ने लखनऊ स्थित कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी.

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NHAI ने एक्सप्रेसवे का निर्माण करने वाली कंपनी PNC इंफ्राटेक लिमिटेड के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है. 26 जुलाई को सड़क धंसने की घटना के बाद कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.

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साथ ही उसे नॉन-परफॉर्मर घोषित करने का प्रस्ताव रखा गया है. अगर यह कार्रवाई पूरी होती है तो कंपनी को भविष्य की NHAI परियोजनाओं की निविदाओं में हिस्सा लेने से भी रोका जा सकता है.

अधिकारियों पर भी गिरी गाज

मामले में सिर्फ निर्माण कंपनी ही नहीं, बल्कि परियोजना से जुड़े अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई है. प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता, इंडिपेंडेंट इंजीनियर टीम लीडर सुरेंद्र कुमार और रेजिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार को परियोजना से हटा दिया गया है.

इन तीनों पर अगले दो वर्षों तक NHAI और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) की परियोजनाओं में काम करने पर रोक लगाने का प्रस्ताव है. वहीं परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा को उनके मूल विभाग वापस भेज दिया गया है.

3 करोड़ रुपये से होगी मरम्मत

एक्सप्रेसवे के प्रभावित हिस्से की मरम्मत करीब 3 करोड़ रुपये की लागत से की जाएगी. इसका पूरा खर्च PNC इंफ्राटेक अपने स्तर पर वहन करेगी. NHAI ने स्पष्ट किया है कि इस सुधार कार्य में प्राधिकरण पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आएगा. साथ ही कंपनी पर परफॉर्मेंस सिक्योरिटी का 2 प्रतिशत जुर्माना लगाने का भी प्रस्ताव रखा गया है.

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IIT खड़गपुर करेगी तकनीकी जांच

पूरे एक्सप्रेसवे की लेजर प्रोफिलोमीटर के जरिए पेवमेंट जांच कराई जाएगी. इसके लिए IIT खड़गपुर की विशेषज्ञ टीम तकनीकी जांच करेगी. जांच और मरम्मत का काम पूरा होने तक एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली बंद रहेगी, ताकि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो.