उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित पुरनिया इलाके में सोमवार को हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे शहर को हिला दिया. हादसे में अब तक 15 छात्रों की मौत की पुष्टि हुई है. मृतकों की उम्र 20 से 24 साल के बीच बताई जा रही है. आग लगने के बाद कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत धुएं और लपटों से घिर गई, जिससे अंदर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई.

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आधे घंटे बाद पहुंचीं दमकल की गाड़ियां

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग लगने के बाद हालात तेजी से बिगड़ते गए. दमकल की गाड़ियां करीब आधे घंटे बाद मौके पर पहुंचीं. तब तक इमारत के अंदर फंसे छात्र और अन्य लोग अपनी जान बचाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे थे. कई लोगों ने इमारत के कांच पत्थरों से तोड़ दिए ताकि धुआं बाहर निकल सके और उन्हें सांस लेने में दिक्कत न हो.

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आग और धुएं से घिरे लोगों के सामने जान बचाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था. कई युवक और युवतियां खिड़कियों, छज्जों और खुले हिस्सों से नीचे कूद गए. कुछ लोग घायल हुए, लेकिन उन्होंने किसी तरह अपनी जान बचा ली. मौके पर मौजूद लोगों ने भी राहत कार्य में मदद की और फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की.

14 दमकल गाड़ियों ने संभाला मोर्चा

राहत और बचाव अभियान के लिए करीब 14 फायर टेंडर लगाए गए. पुलिस, SDRF और प्रशासन की टीमें भी मौके पर तैनात रहीं. दमकल कर्मियों ने लगातार पानी की बौछार कर आग को फैलने से रोकने की कोशिश की.

आग कैसे लगी? जांच रिपोर्ट का इंतजार

आग लगने के कारणों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. शुरुआती आशंका शॉर्ट सर्किट या बिजली व्यवस्था में खराबी की जताई जा रही है. हालांकि प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.

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एक घंटे तक धधकती रही बिल्डिंग

रिपोर्ट्स के अनुसार आग करीब एक घंटे से अधिक समय तक भड़कती रही. कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया. इसके बाद इमारत के अंदर तलाशी अभियान चलाया गया और फंसे लोगों को बाहर निकाला गया. हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक और गम का माहौल है.