उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में नीट की तैयारी कर रहे 21 साल के ऋतिक मिश्रा ने पेपर लीक होने के बाद परीक्षा रद्द होने की वजह से आत्महत्या कर ली थी. ऋतिक मिश्रा तीसरी बार लगातार पेपर की तैयारी कर रहा था. छात्र ने बंद कमरे में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी. छात्र की मौत के बाद आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने उसके घर पहुंचकर परिवार से मुलाकात की है. 

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उत्तर प्रदेश के NEET UG 2026 की परीक्षा देने वाले ऋतिक मिश्रा के परिवार से मुलाकात के बाद आप नेता संजय सिंह ने कहा कि मैंने लखीमपुर में छात्र ऋतिक मिश्रा के परिवार से मुलाकात की, जिन्होंने NEET पेपर लीक की खबर मिलने के बाद आत्महत्या कर ली. मैंने उनके पिता अनूप मिश्रा से मुलाकात की. 

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इन आत्महत्याओं के लिए कौन जिम्मेदार है- संजय सिंह

संजय सिंह ने आगे कहा कि ऋतिक ने इससे पहले दो बार परीक्षा दी थी, लेकिन सफल नहीं हो पाए थे. इस बार उन्होंने कड़ी मेहनत की, तैयारी की और NEET परीक्षा दी. जब उन्हें पेपर लीक के बारे में पता चला, तो वे सदमे और आघात को सहन नहीं कर सके. इसका उन पर इतना गहरा असर हुआ कि उन्होंने अपनी जान ले ली. 

संजय सिंह ने आगे कहा कि मैं मोदी सरकार से पूछना चाहता हूं. इन आत्महत्याओं के लिए कौन जिम्मेदार है? असली दोषी कौन है? यह आत्महत्या नहीं है, यह हत्या है. यह सरकार द्वारा किया गया नरसंहार है. भाजपा सरकार द्वारा अंजाम दिया गया कत्ल है. उन्होंने कहा कि इन हत्याओं का दोष कैसे तय होगा. इन हत्याओं के लिए कौन जिम्मेदार ठहराया जाएगा. इसमें किसके खिलाफ कार्रवाई होगी. 

परीक्षा को लेकर आश्वस्त था ऋतिक मिश्रा

परिवार का कहना है कि मृतक ऋतिक मिश्रा इस बार का पेपर देने के बाद पूरी तरह आश्वस्त था. एनटीए द्वारा पेपर रद्द होने के बाद छात्र मानसिक रूप से तनाव में आ गया था. जिससे आहत होकर वह आत्महत्या जैसा कदम उठाने पर मजबूर हो गया और कमरे में फंदे से लटककर अपनी जान दे दी. इस मामले के बाद सियासत भी गरमाई हुई है. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. 

ऋतिक की मौत के बाद पुलिस को घटनास्थल से कोई भी सुसाइड नोट प्राप्त नहीं हुआ है. पुलिस ने तुरंत शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था. पुलिस का कहना है कि इस सुसाइड की असल वजह का पता लगाने के लिए हर एंगल से जांच की जा रही है. 

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