वाराणसी: उत्तर प्रदेश सरकार अपना बजट पेश करने वाली है. वहीं, काशी के कुटीर उद्योग बजट से काफी उम्मीदें लगाये बैठे हैं. चाहे वो लकड़ी का खिलौना उद्योग हो या फिर बनारसी साड़ी उद्योग सभी इस बजट से आस लगाए हैं.

बुनकरों को आस बनारस का नाम बनारसी साड़ी के नाम से भी विख्यात है. कहते हैं कि, बनारसी साड़ी सिर्फ लिबास नहीं बल्कि परंपरा है, लेकिन लॉकडाउन की मार से कुटीर उद्योग बेहाल हैं और रेशम की ड्यूटी बढ़ी तो रेशम भी महंगा हो गया. इसके साथ बिजली भी इन दिनों बुनकरों को परेशान कर रही है. लिहाजा बिजली पर राहत और रेशम पर राहत की उम्मीद लगाए बुनकर अब सरकार की ओर देख रहे हैं.

उम्मीद में लकड़ी का खिलौना उद्योग काशी की एक और पहचान यहां का लकड़ी का खिलौना है, जिसका पूरी दुनिया लोहा मानती है, लेकिन आज बजट से उम्मीद लगाए बैठा है. कारीगरों की माने तो इन्हें मिलने वाली लकड़ी महंगी हो गयी है. इतना ही नहीं इस बार विशेष पैकेज की राह देख रहा खिलौना कारीगर खासा उम्मीदजदा है. एक ऐसे गांव की मांग है जो कला को विकसित कर सके इतना ही नहीं लकड़ी पर विशेष पैकेज की आस लगाए बैठा है.

राहत से बनेगी बात कुटीर उद्योग उम्मीद में है अब देखना होगा कि बजट से किसको और कितनी राहत मिलती है. गौरतलब है कि, सोमवार को प्रदेश की योगी सरकार राज्य का बजट पेश करनी जा रही हैं.

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