UP News: पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक (Satya Pal Malik) की सुरक्षा कम की गई है. इसका दावा खुद पूर्व राज्यपाल ने किया है. उन्होंने कहा है कि उनकी सुरक्षा कम कर दी गई है. उनके दावे के अनुसार पहले पूर्व राज्यपाल के पास जेड प्लस (Z+) सुरक्षा थी लेकिन अब उनकी सुरक्षा में केवल एक पीएसओ (PSO) तैनात रहेगा. सुरक्षा में कटौती के बाद पूर्व राज्यपाल की प्रतिक्रिया भी आई है. 


पूर्व राज्यपाल का दावा है कि किसानों के मुद्दों को उठाने और केंद्र सरकार की अग्मिवीर योजना पर बात करने की वजह से सुरक्षा में कटौती की गई है. दरअसल, सत्यपाल मलिक 2019 में जम्मू और कश्मीर के राज्यपाल बने थे. जिसके बाद पांच अगस्त 2019 को जम्मू और कश्मीर में अनुच्छेद 370 के प्रावधान निरस्त कर दिए गए थे. तब जम्मू कश्मीर में दो केंद्र शासित प्रदेश, जम्मू और कश्मीर में बना दिए गए थे.


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क्या बोले सत्यपाल मलिक?
सुरक्षा में कटौती पर पूर्व राज्यपाल ने कहा, "जितने भी गवर्नर रिटायर्ड हुए हैं, उन सबके पास अभी तक सिक्योरिटी है. मेरी सिक्योरिटी लगभग पूरी तरह हटा ली गई है. मुझे केवल एक पीएसओ दिया गया है, वो भी तीन दिन से नहीं आ रहा है. जबकि मुझे बहुत खतरा है. खतरा इस लिए है कि जब वहां से 370 हटी तो मैं ही था. इसके अलावा मैंने असेंबली डिजॉल्व की थी. वहां मुझे जनरल्स ने बताया था कि आपकों पाकिस्तान से भी खतरा है."


उन्होंने कहा, "कश्मीर की जो एडवाजरी कमेटी थी उन्होंने मेरे तबादले के वक्त लिखा था कि इन्हें यहां भी खतरा है. इन्हें दिल्ली में मकान दिया जाए और सिक्योरिटी दी जाए. लेकिन अब वो सब खत्म कर दी गई है." बता दें कि जम्मू कश्मीर के बाद सत्यपाल मलिक को गोवा का राज्यपाल बनाया गया. गोवा के बाद सत्यपाल मलिक को मेघालय का राज्यपाल बनाया गया था. सत्यपाल मलिक अक्टूबर 2022 तक मेघालय के राज्यपाल रहे हैं.