भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA Bloc ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया. अब सोशल मीडिया पर समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी का एक बयान जमकर वायरल हो रहा है. उत्तर प्रदेश स्थित रामपुर से सपा सांसद नदवी, 6 अक्टूबर मंगलवार को प्रोटेस्ट में शामिल थे.
दावा किया जा रहा है कि इस दौरान सपा सांसद ने कहा- 'मुझे छोड़ दो, मुझे डेमोक्रेसी के लिए मरना है. डेमोक्रेसी का कत्ल बर्दाश्त नहीं है.'
हालांकि यह वीडियो आज के प्रदर्शन का नहीं बल्कि एक साल पुराना है. हालांकि नदवी ने जब यह बयान दिया था तब भी सपा और विपक्ष, भारत निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे.
आकाशवाणी परिसर में धरना दे रहे राहुल-प्रियंका
उधर, भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन तेज करते हुए, इंडिया गठबंधन के सांसदों ने आकाशवाणी भवन के गेट को जबरदस्ती खोलने की कोशिश की. इस दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की गई.तिरंगा झंडा और 'लोकतंत्र बचाओ' लिखे बैनर लिए, इंडिया गठबंधन के सांसदों ने मंगलवार को संसद से चुनाव आयोग मुख्यालय तक अपना विरोध मार्च शुरू किया.
चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर बढ़ते हुए विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त, भाजपा और आरएसएस के खिलाफ नारे लगाए.विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखा गया था. चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर बैरिकेड भी लगाए गए थे.कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और इंडिया गठबंधन के कई अन्य नेताओं को भी चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर जाने से रोके जाने के बाद कुछ देर के लिए हिरासत में लिया गया था. इसके बाद छोड़ दिया गया.राहुल गांधी जब चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, तो उन्हें पुलिस की कई बैरिकेड्स ने रोक दिया.
इसके बाद वे एक बैरिकेड पर चढ़ गए और एक राष्ट्रीय ध्वज लहराया, वहां जमा हुए इंडिया गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नारे लगाकर उनका समर्थन किया.पुलिस ने सुरक्षा बलों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने का निर्देश दिया है. भीड़ को नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं.
