Varanasi News: घरेलू पर्यटन दृष्टिकोण से अयोध्या और वाराणसी पूरे देश में बहुत बड़ा केंद्र बन चुका है. इसी क्रम में नए वर्ष 2025 जनवरी से ही वाराणसी में पर्यटकों का आवागमन जारी है. हर दिन वाराणसी के अलग-अलग जगह पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के उमड़ने वाली भारी भीड़ की तस्वीर सामने आती है. लेकिन पूरे साल में कुछ ऐसे भी महीने होते हैं जिसमें वाराणसी शहर लोगों को काफी रास आता हैं. जी हां यह कहना बिल्कुल सही होगा कि साल के फरवरी माह में खासतौर पर दुनिया के सबसे प्राचीन शहर वाराणसी की खूबसूरती और बढ़ जाती है. आईए जानते हैं इसकी प्रमुख वजह.

देश और विदेश से आने वाले श्रद्धालु ज्यादातर भगवान विश्वनाथ का दर्शन करने और गंगा आरती देखने के लिए आते हैं. वहीं फरवरी माह में ही बसंत पंचमी से बाबा विश्वनाथ के मांगलिक आयोजन से जुड़ी परंपराएं शुरू हो जाती है. विश्वनाथ जी के विवाह उत्सव से लेकर गौना रंगभरी एकादशी सहित अनेक ऐसे उत्सव होते हैं जो काशी की रौनक़ को बढ़ा देते हैं. लोग इसमें पूरे उत्साह के साथ शामिल होते हैं. इसके अलावा हल्की ठंड के साथ वाराणसी का खुशनुमा मौसम भी लोगों को काफी रास आता है.

फरवरी 2024 में रिकॉर्ड तोड़ संख्या में पर्यटक वाराणसी आएखासतौर पर वाराणसी के घाट पर लोगों को एक अलग ही आनंद की अनुभूति होती है. निश्चित ही भगवान विश्वनाथ के मांगलिक आयोजन के साथ-साथ बसंत ऋतु मौसम में घाट वॉक करना लोगों को खूब पसंद आता है. इसके अलावा इस महीने में स्वादिष्ट व्यंजन मशहूर खानपान के भी सभी आइटम उपलब्ध रहते हैं, जैसे बनारसी कचौड़ी लस्सी मलइयों आदि.पिछले वर्ष 2024 में भी फरवरी माह में रिकॉर्ड संख्या में पर्यटकों का आवागमन वाराणसी हुआ था.

बेहतर कनेक्टिविटी के साथ काशी आने वाले पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है. प्रयागराज महाकुंभ के दौरान तो नियमित तीन लाख से अधिक श्रद्धालु वाराणसी पहुंच रहे हैं. जनपद आने वाले पर्यटक सबसे ज्यादा काशी विश्वनाथ मंदिर, गंगा घाट की आरती, संकट मोचन मंदिर, स्वर्वेद मंदिर, सारनाथ, दुर्गाकुंड  और अस्सी घाट-नमो घाट घूमना पसंद करते हैं. ऐसे में फरवरी माह का समय इन पर्यटकों के लिए बेहद अनुकूल माना जाता है. इसीलिए फरवरी माह का खुशनुमा मौसम, खानपान की उपलब्धता और बाबा विश्वनाथ से जुड़ा मांगलिक आयोजन लोगों को कम समय में काशी की परंपरा से सीधा जोड़ता है.

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