देवभूमि उत्तराखंड में विकास और सुशासन के चार वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आज हरिद्वार में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए हैं. कार्यक्रम के दौरान वे राज्य में 1129.91 करोड़ की लागत से तैयार 39 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद हैं.

Continues below advertisement

हरिद्वार में आयोजित इस कार्यक्रम को धामी सरकार के चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर राज्य की उपलब्धियों और विकास कार्यों को जनता के सामने रखने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. सरकार का दावा है कि पिछले चार वर्षों में उत्तराखंड ने कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं और विकास की दिशा में नई मिसाल कायम की है.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने कई अहम नीतिगत फैसले लिए हैं. उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना जिसने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाए. इसके साथ ही धर्मांतरण विरोधी और दंगारोधी कानून लागू कर कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने का प्रयास किया गया.

Continues below advertisement

सरकार का कहना है कि राज्य में सेवा, सुशासन और जनहित को केंद्र में रखकर विकास कार्यों को गति दी गई है. सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की रैंकिंग में उत्तराखंड ने देश में पहला स्थान हासिल किया है, जो राज्य के विकास मॉडल को दर्शाता है. वहीं व्यवसाय करने में सुगमता (ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस) में भी राज्य को ‘अचीवर्स’ श्रेणी में स्थान मिला है.

धामी सरकार ने अतिक्रमण के खिलाफ भी बड़ा अभियान चलाया

पर्यटन और फिल्म शूटिंग के क्षेत्र में भी उत्तराखंड ने नई पहचान बनाई है. राज्य को लगातार चार वर्षों तक ‘मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट’ का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है. वहीं चारधाम यात्रा में हर वर्ष नए रिकॉर्ड बन रहे हैं, जिससे पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिला है. धामी सरकार ने अतिक्रमण के खिलाफ भी बड़ा अभियान चलाया. राज्य के इतिहास में पहली बार 12 हजार एकड़ से अधिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया. इसके साथ ही खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए भी कई योजनाएं शुरू की गईं.

सरकार ने नकल विरोधी कानून लागू किया

युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार ने नकल विरोधी कानून लागू किया, जिसके बाद पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के जरिए 28 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई. हरिद्वार में आयोजित यह कार्यक्रम राज्य सरकार के चार वर्षों की उपलब्धियों को समर्पित है, जिसमें विकास कार्यों, सुशासन और भविष्य की योजनाओं को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जा रहा है. सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में उत्तराखंड को विकास के नए आयाम तक पहुंचाना है.