उत्तर प्रदेश के हरदोई में शनिवार को एक कार्यक्रम में पहुंची राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने शंकराचार्य मामले में टिप्पणी करते हुए कहा, “देश का संविधान सर्वोपरि है और कोई भी व्यक्ति इसके ऊपर नहीं है.” इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर शंकराचार्य विवाद को लेकर की गई टिप्पणियों को गलत ठहराया और कहा कि सीएम खुद एक गुरु हैं, उन पर छींटाकशी नहीं करनी चाहिए.

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अपर्णा यादव ने यह बयान कार्यक्रम में मीडिया के सवालों के दौरान दिए. इसके साथ ही उन्होंने इस पूरे मामले की जांच की बात कही है. फिलहाल मौजूदा मुद्दे के बीच अपर्णा यादव के इस बयान ने नई बहस छेड़ दी है.

अपर्णा यादव का पूरा बयान

हरदोई में पत्रकारों से बातचीत में अपर्णा यादव ने कहा, "जो भी घटनाक्रम हुआ, शंकराचार्य की पदवी और सनातन धर्म में उनकी व्यवस्था के बारे में फैक्ट हमारे पास उपलब्ध नहीं है. लेकिन जहां प्रशासनिक रूप से व्यवस्था खराब हुई, तो मुझे नहीं लगता कि कोई भी व्यक्ति देश के संविधान से ऊपर है. हम लोकतंत्र में रहते हैं."

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उन्होंने आगे कहा, "कुंभ मेले या माघ मेले जैसी धार्मिक आयोजनों में लाखों लोग आते हैं. अगर लाइन ऑर्डर डिस्टर्ब होता है और जनता को तकलीफ होती है, तो यह जांच का विषय है. सीएम के लिए गलत कहना बहुत गलत बात है. वह भी गुरु हैं, संत हैं, उनको गुस्सा नहीं होना चाहिए."

शंकराचार्य की व्यवस्था पर सवाल नहीं

शंकराचार्य पदवी के विवाद को लेकर अपर्णा यादव ने शंकराचार्य व्यवस्था पर जोर देते हुए कहा, "सनातन में गुरु पद्धति और शंकराचार्य की व्यवस्था को सबको जानना जरूरी है. वैधता पर सवाल नहीं, लेकिन व्यवस्था जानने का अधिकार सबके पास है. अगर प्रशासन की रिपोर्ट सही है, तो जांच होनी चाहिए. व्यवस्थित शंकराचार्य की रथ यात्रा में कभी अव्यवस्था नहीं हुई, लेकिन अगर यहां हुई तो क्या हुआ, कैसे हुआ, इसकी जांच जरूरी है."

अपर्णा यादव ने बीजेपी सरकार की तरफदारी करते हुए कहा कि बीजेपी सबका साथ, सबका विकास करती है. यह सबकी पार्टी है. प्रधानमंत्री का मूल मंत्र है. फिलहाल इस बयान पर अभी किसी की प्रतिक्रिया नहीं आई है.