कांग्रेस पार्टी से इस्तीफे के बाद लखनऊ में नसीमुद्दीन सिद्दीकी मीडिया के आमने आए, यहां उन्होंने इस्तीफे को लेकर जानकारी दी. उन्होंने दावा किया कि पिछले दो महीनों से चर्चा चल रही थी. आज मेरे समर्थकों के साथ यह तय हुआ कि कांग्रेस छोड़ देनी चाहिए. सिद्दीकी ने कहा कि यह जो भी लोग मौजूद हैं उनके पीछे हजारों लोग हैं. यह फैसला लेना आसान नहीं था. अब जल्द ही बैठकर आगे की रणनीति पर विचार विमर्श होगा.
नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने आज दोपहर अचानक कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. तमाम तरह की अटकलें लगने लगीं थीं कि आखिर नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने इस्तीफा क्यों दिया. हालांकि उनका अगला राजनीतिक कदम क्या होगा इसकी जानकारी उन्होंने नहीं दी है.
नसीमुद्दीन सिद्दीकी की इस्तीफे के बाद प्रतिक्रिया
कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद नसीमउद्दीन सिद्दीकी ने कहा, "मुझे कांग्रेस में रहना चाहिए या नहीं, इस पर दो महीने से चर्चा चल रही थी. आज मैंने 73 लोगों को बुलाया, जिनमें से कुछ उत्तर प्रदेश से, कुछ उत्तराखंड से और कुछ दिल्ली से थे. ये 73 लोग सैकड़ों, बल्कि हजारों लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं. हमने उनसे राय ली और सभी इस बात पर सहमत हुए कि इस्तीफा देना ही सबसे अच्छा होगा."
कांग्रेस के लिए बड़ा झटका
आगमी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले नसीमुद्दीन सिद्दीकी का इस्तीफा देना कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है. क्यूंकि वो पहले ही बिना संगठन के संघर्ष कर रही है. जबकि नसीमुद्दीन सिद्दीकी यूपी की बसपा सरकार में मंत्री के साथ-साथ वेस्ट यूपी में खासा पकड़ रखते हैं. इस मामले में अभी कांग्रेस के किसी नेता का बयान नहीं आया है. माना जा रहा है कि पार्टी प्रदेश नेतृत्व से विचार विमर्श के बाद कदम बढ़ाएगा. जबकि सूत्रों के मुताबिक नसीमुद्दीन सिद्दीकी पिछले काफी दिनों से साइड लाइन थे और किसी कार्यक्रम में नहीं दिख रहे थे.