उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में प्रशासनिक अनदेखी और जलभराव से परेशान ग्रामीणों का एक अनोखा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला है. गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बागड़पुर के समीप नैनापुर गांव में ग्रामीणों ने बदहाल सड़क पर भरे पानी और कीचड़ के बीच धान की रोपाई कर अपना विरोध दर्ज कराया.

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जानकारी के अनुसार, ब्रजघाट से बागड़पुर जाने वाले इस मुख्य रास्ते पर जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है. लंबे समय से सड़क पर बने गहरे गड्ढों में पानी भरा हुआ है, जिसने अब तालाब और खेत का रूप ले लिया है. प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बताया कि जलभराव के कारण आए दिन लोग फिसल कर गिर रहे हैं और चोटिल हो रहे हैं. कीचड़ और पानी की वजह से स्कूली बच्चों और स्थानीय लोगों का घर से निकलना काफी मुश्किल हो गया है.

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अधिकारियों ने नहीं सुनी, तो सड़क पर उतरे ग्रामीण

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार अधिकारियों से इसकी शिकायत की. 12 जुलाई को एसडीएम (SDM) को ज्ञापन भी सौंपा गया था, लेकिन 12-13 दिन बीत जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई. इससे ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया. शनिवार (25 ) को नैनापुर गांव के ग्रामीण एकजुट होकर सड़क पर उतरे और पानी से भरे गड्ढे के बीच खड़े होकर धान की रोपाई शुरू कर दी. यह अनोखा प्रदर्शन क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है.

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'8 दिन में समाधान नहीं हुआ तो करेंगे अनिश्चितकालीन धरना'

स्थानीय ग्रामीण अंकित यादव ने बताया कि ग्रामीणों के उग्र प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद नायाब तहसीलदार मौके पर पहुंचे. उन्होंने ग्रामीणों को समझाते हुए 1-2 दिन के भीतर समस्या के निस्तारण का आश्वासन दिया है. वहीं, गुस्साए ग्रामीणों ने प्रशासन को खुली चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क का निर्माण और जल निकासी की व्यवस्था नहीं हुई, तो वे 8 दिन बाद अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने के लिए मजबूर होंगे.

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