नीट पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के चलते केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा है. इस पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अगल ये पहले ही ले लिया जाता तो बेहतर होता. उन्होंने पुलिस कर्मियों पर भी कार्रवाई की मांग की है.

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बसपा प्रमुख मायावती ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक लंबा चौड़ा पोस्ट किया है.जिसमें उन्होंने लिखा, "देश के छात्रों व युवाओं के आन्दोलन के चलते आज केन्द्रीय शिक्षा मन्त्री धर्मेन्द्र प्रधान द्वारा इस्तीफा दिये जाने का फैसला उचित, जो यह पहले ही ले लिया जाता तो बेहतर होता. साथ ही, हमारी पार्टी केन्द्र सरकार से यह भी अपेक्षा करती है कि जिन पुलिसकर्मियों ने जन्तर-मन्तर पर शान्तिमय ढंग से प्रदर्शन कर रहे निहत्ते लड़के व लड़कियों पर बरबर्तापूर्वक लाठी, डन्डों आदि से चोट पहुँचायी है जिससे ये बड़ी संख्या में गम्भीर रूप से घायल हुए, उनपर सख़्त कार्रवाई की जानी चाहिये."

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लड़कियों पर अत्याचार करने वालों पर क्रिमिनल केस की मांग 

मायावती ने आगे मांग की है कि  ख़ास तौर से जिन पुरूष पुलिसकर्मियों ने लड़कियों के साथ बेहूदा व शर्मनाक बदसलूकी की और बल प्रयाग किया, उनको चिन्हित करके, उनके खिलाफ अनुशासनिक एवं क्रिमनल केस चला कर सख़्त से सख़्त क़ानूनी कार्रवाई की जानी चाहिये, जिससे कि भविष्य में इस तरह की घिनौनी हरकत करने की कोई हिम्मत ना कर सके. इसके साथ-साथ, सरकार को आन्दोलन कर रहे छात्रों व युवाओं के ख़िलाफ जो भी FIR या complaint दायर की गई है, उन सभी को वापस ले लिया जाये, जिससे इनको आगे चलकर थानों व कोर्ट कचहरी के चक्कर ना काटने पड़े और इस वजह से उनका भविष्य भी ख़राब ना हो, जिससे फिर देश में सौहार्दपूर्ण वातावरण बन सके. 

'राजनीति से बचें छात्र'

बसपा प्रमुख ने छात्रों और युवाओं से अपील की है कि साथ ही मेरा सभी आन्दोलनकारियों से यह कहना है कि वो इस मामले में किसी भी पार्टी को उनके इस संघर्ष का राजनीतिकरण ना करने दें तथा अपने भविष्य को भी खराब ना होने दें.

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