उत्तर प्रदेश के हापुड़ में कांवड़ यात्रा को सकुशल, शांतिपूर्ण और पवित्र माहौल में संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है. शासन से मिले निर्देशों के बाद जनपद  हापुड़ में पुलिस और प्रशासन द्वारा कांवड़ मार्गों पर स्थित सभी मीट की दुकानें अगले 14 दिनों तक पूरी तरह से बंद करा दी गई हैं. 

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इसके अलावा, कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले सभी शराब के ठेकों को पर्दों और तिरपाल से ढक कर बंद कर दिया गया है, ताकि श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था और भावनाओं को किसी भी प्रकार की ठेस न पहुंचे. स्थानीय नागरिक सौरभ का कहना है कि प्रशासन का यह निर्णय बेहद सराहनीय है.  क्योंकि कांवड़ यात्रा के दौरान जल चढ़ाने तक 30 जुलाई से 14 अगस्त तक पवित्रता बनाए रखना बेहद जरूरी है. 

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सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त 

हापुड़ पुलिस अधीक्षक ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए दो मुख्य बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है पहला, भारी वाहनों का रूट डायवर्जन और दूसरा, ब्रजघाट से जल उठाने वाले कांवड़ियों की सुरक्षा. सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए पूरे जनपद को जोन और सेक्टर में विभाजित किया गया है. 

रास्ते में पड़ने वाले मंदिरों, मस्जिदों, ढाबों, हॉस्पॉट्स और नॉन-वेज दुकानों का पूरा डाटा तैयार किया गया है. इसके अलावा, सुरक्षा और निगरानी के लिए जिले भर में 514 सीसीटीवी और 158 आईपी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी लाइव फीड कंट्रोल रूम में मिलेगी. एसपी ज्ञानंजय सिंह ने स्पष्ट किया कि इस बार जीरो इंसिडेंट और जीरो एक्सीडेंट के लक्ष्य के साथ काम किया जा रहा है. 

सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रखी जा रही है ताकि कोई भ्रामक या नकारात्मक खबर न फैले. माहौल खराब करने या शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों पर एनएसए, गुंडा एक्ट और गैंगस्टर जैसी धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. 

कांवड़ मार्ग पर लगातार गश्त जारी 

आपको बता दें कि कांवड़ मार्ग पर सफाई, सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर पुलिस-प्रशासन लगातार गश्त कर रहा है. सभी दुकानदारों और ठेका संचालकों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे इन आदेशों का कड़ाई से पालन करें. उल्लंघन करने वालों पर त्वरित व सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. खाद्य विभाग की तरफ से ग्राहक संतुष्टि के लिए क्यू आर कोड भी खान पान की दुकानों पर चस्पा किए जा रहे हैं और साथ ही दुकानदारों को साफ सफाई के लिए सख्त हिदायत दी जा रही है. प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश के कोने-कोने से आने वाले कांवड़ियों की यात्रा पूरी तरह से सुगम, सुरक्षित और आस्था के अनुकूल माहौल में पूरी हो सके.

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