मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में इस्तीफा देने वाले अयोध्या के जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है. इसके बाद उन्होंने पुनः ज्वाइन किया. 27 जनवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया था.

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27 जनवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के द्वारा की जा रही अभद्र टिप्पणी को लेकर आहत होने के बाद इस्तीफा दिया था. इस दौरान ड्यूटी ज्वाइन करने के बाद मीडिया से दूरी बनाते दिखे. लेकिन उन्होंने अपने भाई को लेकर बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने कहा कि मेरे भाई संबंध मुख्तार अंसारी गैंग से है. 

भाई के द्वारा लगाए गए आरोपों पर क्या बोले प्रशांत कुमार

प्रशांत कुमार ने अपने भाई द्वारा लगाए आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी है. इस बीच उन्होंने कहा कि जो भी आरोप लगाया जा रहा है अब उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. साथ ही सीएमओ से जवाब तलब किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि बिना सोचे समझे आरोप लगाया जा रहा है. 

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प्रशांत कुमार का इस्तीफा बरेली के पीसीएस अलंकार अग्निहोत्री के यूजीसी के नियमों को लेकर दिए इस्तीफे के बाद आया. उनके इस्तीफे ने सभी का ध्यान खींचा, लेकिन प्रशांत कुमार के भाई ने उनके खिलाफ गंभीर आरोप लगाकर मामले में नया ट्विस्ट पैदा कर दिया था.

भाई ने लगाया था फर्जी तरीके से नौकरी लेने का आरोप

प्रशांत कुमार के भाई ने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशांत सिंह जांच और रिकवरी से बचने के लिए इस्तीफे का नाटक किया. प्रशांत के भाई ने यह भी बताया था कि उन्होंने आंख की ऐसी बीमारी बताई जो 50 साल से कम उम्र में पूरी दुनिया में किसी को नहीं होती है.

इस बीच प्रशांत के भाई ने सीएम योगी से जांच पूरी कराने की अपील भी की थी. उन्होंने डेट ऑफ बर्थ में भी धोखा करने के आरोप लगाए. उन्होंने बताया था कि प्रशांत कुमार ने नेत्र विकलांग का फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर नौकरी ली थी. आरोप है कि प्रशांत ने खुद को 40% नेत्रहीन दिखाया.