उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बयानों से आहत होकर इस्तीफा देने वाले जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रशांत सिंह का एक वीडियो वायरल हो रहा है. 

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पद से इस्तीफा देने वाले जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने पत्नी को फोन किया. फोन पर वह भावुक हो गए. उन्होंने रोते हुए बताया सीएम योगी के समर्थन में मैंने इस्तीफा दे दिया. प्रशांत सिंह ने कहा कि रोते हुए कहा कि 'जिसका नामक खाते हैं, उसका आदर करना चाहिए. मुझे बर्दाश्त नहीं हुआ.'

बता दें राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को भेजे इस्तीफे में प्रशांत कुमार सिंह ने लिखा है कि -अविमुक्तेश्वरानन्द शंकराचार्य द्वारा भोले-भाले अधिकारियों को प्रलोभन देकर लोकतंत्र के विरुद्ध साजिश की जा रही है. उन्हें सरकार के विरुद्ध खड़ा किया जा रहा है, जिससे भारत के संविधान और संवैधानिक आचरण को ठेस पहुंच रही है. इससे आहत होकर मैं भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार के समर्थन में तथा अविमुक्तेश्वरानन्द शंकराचार्य के विरोध में अपना त्यागपत्र दे रहा हूं.

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प्रशांत कुमार सिंह ने लिखा- विगत कई दिनों से अविमुक्तेश्वरानन्द शंकराचार्य द्वारा समाज में जातिवाद का जहर घोला जा रहा है और देश व प्रदेश को अस्थिर करने का प्रयास किया जा रहा है. इन परिस्थितियों से आहत होकर मैं भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार के समर्थन में तथा उनके विरोध में अपना त्यागपत्र दे रहा हूं.

'नियमावली का पालन करने वाला एक निष्ठावान कर्मचारी'

उन्होंने लिखा कि मैं उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी नियमावली का पालन करने वाला एक निष्ठावान कर्मचारी हूं. सरकार का वेतनभोगी होने के नाते मेरा कर्तव्य केवल यह नहीं है कि प्रदेश सरकार या मुख्यमंत्री के विरुद्ध अनर्गल प्रलाप या अपमानजनक टिप्पणियाँ होती रहें और मैं मौन रहकर वेतन लेता रहूं. मैं एक सरकारी सेवक होने के साथ एक संवेदनशील व्यक्ति भी हूं. राष्ट्र, संविधान, राज्य और लोकतांत्रिक पद्धति से चुने गए प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और मुख्यमंत्री के विरुद्ध कोई अपमानजनक टिप्पणी होती है तो मन आहत होना स्वाभाविक है. एक राष्ट्रप्रेमी, राज्यप्रेमी और संविधानप्रेमी के भीतर यह भावना होना आवश्यक है. अविमुक्तेश्वरानन्द शंकराचार्य द्वारा समाज में जातिवाद फैलाने और देश व प्रदेश को अस्थिर करने के प्रयासों से आहत होकर मैं भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार के समर्थन में तथा उनके विरोध में अपना त्यागपत्र दे रहा हूं.

प्रशांत कुमार सिंह ने लिखा- मैं उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी नियमावली का पालन करने वाला एक निष्ठावान कर्मचारी हूं. सरकार और मुख्यमंत्री के समर्थन में तथा अविमुक्तेश्वरानन्द शंकराचार्य के विरोध में दिए गए अपने त्यागपत्र के स्वीकार होने तक मैं नियमानुसार और पूरी निष्ठा से राजस्व वृद्धि हेतु अपने पद और कर्तव्यों का निर्वहन करता रहूंगा.